अमिलिया-हनुमान मार्ग पर मंडरा रहा हादसे का खतरा, कैमूर पहाड़ में चार जगह सड़क क्षतिग्रस्त
बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, कई जगह धंसा मार्ग; महज 8 फीट रास्ता बचने से भारी वाहनों की आवाजाही बनी जानलेवा
एमपी के सीधी जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच अमिलिया से हनुमान की ओर जाने वाला कैमूर पहाड़ मार्ग इन दिनों हादसे को न्योता दे रहा है। लगातार बारिश के चलते सड़क की स्थिति बेहद खराब हो गई है। मार्ग पर करीब चार स्थानों पर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जबकि बीती रात सड़क का एक और हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से आवागमन के लिए महज करीब 8 फीट रास्ता ही बचा है।
जहा ऐसे में इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। विशेष रूप से भारी और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से स्थिति और गंभीर हो सकती है।वही यदि समय रहते प्रशासन ने भारी वाहनों के आवागमन पर रोक नहीं लगाई और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत नहीं कराई, तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
बारिश के बीच बढ़ रहा खतरा
गौरतलब है की लगातार बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में जलस्तर बढ़ने के साथ सड़कें भी प्रभावित हो रही हैं। कैमूर पहाड़ का यह मार्ग भी बारिश की मार झेल रहा है। सड़क के कई हिस्सों के क्षतिग्रस्त होने से वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ आवागमन करना पड़ रहा है। संकरे और क्षतिग्रस्त हिस्से से एक साथ वाहनों की आवाजाही भी जोखिमपूर्ण बनी हुई है।
प्रशासन की निगरानी पर उठ रहे सवाल
वही स्थानीय स्तर पर सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही है। इसके बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से मौके का निरीक्षण किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। अब लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क की स्थिति लगातार बिगड़ रही है, ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल मौके का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने चाहिए।
टेंडर कंपनी की भूमिका भी सवालों के घेरे में
जहा इस मार्ग का टेंडर लेने वाली कंपनी GVR की ओर से भी क्षतिग्रस्त सड़क को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आई है। अब सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है, ताकि बारिश के दौरान किसी अप्रिय घटना की स्थिति निर्मित न हो।
जहा अब फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या समय रहते इस खतरनाक मार्ग पर सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए जाएंगे?