जिले में यातायात व्यवस्था को लेकर उस समय चर्चा तेज हो गई, जब यातायात प्रभारी श्रीमती ज्योति तिवारी शुक्ला के खिलाफ मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन और पुलिस अधीक्षक उमरिया को भेजी गई शिकायत सामने आई। शिकायतकर्ता प्रमोद तिवारी ने यातायात प्रभारी पर कथित अनियमितताओं, अवैध वसूली, वाहन चालकों से दुर्व्यवहार और लोगों को परेशान करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही उनके पति अनुभव शुक्ला पर शासकीय कार्य में कथित हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यातायात थाने के सामने से गुजरने वाले वाहन चालकों से कथित रूप से मनमाने तरीके से राशि की मांग की जाती है। राशि नहीं देने पर वाहनों को जब्त कर लोगों को घंटों परेशान किए जाने का भी दावा किया गया है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि वाहन या दस्तावेजों में नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जानी चाहिए।
छोटे वाहनों पर कार्रवाई, बड़े सवाल
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि छोटे वाहनों पर कार्रवाई के बावजूद शहर में चलने वाले कथित ओवरलोड पिकअप, मालवाहकों में सवारी परिवहन, ट्रैक्टरों और अनाधिकृत बसों के संचालन को लेकर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। शिकायतकर्ता ने इन मामलों में कथित अवैध वसूली के आरोप लगाए हैं।
चंदिया कार्यकाल को लेकर भी आरोप
प्रमोद तिवारी ने चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। शिकायत में जब्त माल से संबंधित गंभीर आरोपों के साथ महानदी बेरियर के पास कथित रूप से पकड़ी गई 60 किलो चांदी के मामले का भी उल्लेख किया गया है। जमीन विवादों में कथित हस्तक्षेप और लोगों पर हमले कराने जैसे आरोप भी आवेदन में लगाए गए हैं। इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायत पर यातायात प्रभारी का जवाब
मामले को लेकर यातायात प्रभारी श्रीमती ज्योति तिवारी शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने शिकायत के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिकायत नहीं है, कुछ यह कहने की बात है। हालांकि, उन्होंने आरोपों को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी।
अब शिकायत में लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच होती है या नहीं और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर निगाहें टिकी हैं। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री और एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई की मांग की है।