Sidhi मे नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सख्त सजा, पॉक्सो कोर्ट सीधी का कड़ा संदेश
Sidhi मे नाबालिग अभियोक्त्री से दुष्कर्म के एक जघन्य मामले में विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट, सीधी ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला जिले में बाल यौन अपराधों के खिलाफ न्यायिक सख्ती का अहम उदाहरण माना जा रहा है।
प्रकरण के अनुसार, दिनांक 05 अक्टूबर 2023 को पीड़िता ने अस्पताल पुलिस चौकी सीधी में थाना प्रभारी बहरी के नाम लिखित आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन में बताया गया कि उसे पेट में दर्द की शिकायत थी और माहवारी अप्रैल माह से बंद थी। जब परिजन उसे डॉक्टर के पास लेकर गए, तो चिकित्सकीय जांच में वह करीब 7 माह की गर्भवती पाई गई। इसके बाद पीड़िता ने अपनी मां को आपबीती बताई।
पीड़िता ने बयान में बताया कि होली के पहले वह पूजा के लिए अपनी बड़ी मम्मी के घर जा रही थी। इसी दौरान शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच रास्ते में महुआ के पेड़ के नीचे आरोपी मुंसिया उर्फ गिरधारी कोल मिला। आरोपी ने जबरदस्ती उसका मुंह दबाकर जमीन पर पटक दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। साथ ही किसी को घटना बताने पर जान से मारने की धमकी दी, जिससे डर के कारण पीड़िता ने लंबे समय तक चुप्पी साधे रखी।
मामले में अस्पताल चौकी Sidhi में जीरो पर अपराध क्रमांक 0103/2023 अंतर्गत भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 376(3), 506 एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 5(जे)(II)/6 के तहत मामला दर्ज किया गया। बाद में थाना बहरी में असल अपराध क्रमांक 518/2023 पंजीबद्ध कर विवेचना पूरी की गई। अभियोजन पत्र विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट, सीधी में प्रस्तुत किया गया।
शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री प्रशांत कुमार पांडेय ने सशक्त पैरवी करते हुए आरोप सिद्ध कराया। न्यायालय ने आरोपी मुंसिया कोल उर्फ गिरधारी कोल पिता रामलाल कोल, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम नकझर खुर्द, थाना बहरी, जिला सीधी को दोषी मानते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड की राशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने के आदेश भी पारित किए गए।
