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22 फरवरी को क्या होने वाला है? मांग-पत्र से उग्र आंदोलन तक की चेतावनी ने बढ़ाया सस्पेंस

अमित श्रीवास्तव

By अमित श्रीवास्तव

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कुसमी तहसील परिसर में पुजारी हत्याकाण्ड पर उबाल… 22 फरवरी को क्या होने वाला है? मांग-पत्र से उग्र आंदोलन तक की चेतावनी ने बढ़ाया सस्पेंस

एमपी के सीधी जिले के कुसमी तहसील परिसर से जुड़ा हनुमान मंदिर एक बार फिर सुर्खियों में है। मंदिर के पुजारी इन्द्रभान द्विवेदी की नृशंस हत्या के बाद क्षेत्र में असुरक्षा और भय का माहौल बना हुआ है। अब इस मामले में प्रशासनिक कार्यवाही न होने के आरोपों के बीच आंदोलन की चेतावनी ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है।

वही मिली जानकारी के अनुसार, तहसील परिसर कुसमी स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी की हत्या के विरोध में पहले ही 15 फरवरी 2026 को एक मांग-पत्र दिया गया था। यह मांग-पत्र कलेक्टर के नाम तहसीलदार कुसमी के माध्यम से भेजा गया था। लेकिन आवेदक पक्ष का आरोप है कि उपखण्ड अधिकारी कुसमी ने यह कहते हुए कार्यवाही से इंकार कर दिया कि मामला उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है।

इस आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि तहसीलदार एवं उपखण्ड अधिकारी स्वयं असुरक्षा महसूस कर रहे हैं, जिससे आम जनता में असंतोष बढ़ रहा है। इसी को लेकर अब उग्र आंदोलन का संकेत दिया गया है।

वही अब आंदोलन की अगली कड़ी के रूप में 22 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजे उपखण्ड अधिकारी कुसमी के कार्यालय में विज्ञापन सह मांग-पत्र सौंपे जाने की घोषणा की गई है। इस दौरान ब्राह्मण संगठन के राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के पदाधिकारी, करणी सेना के प्रतिनिधि तथा ग्राम भगवार की आम जनता के शामिल होने की बात कही गई है।

इस आवेदन पर हस्ताक्षर करने वाले व्यवस्थापक राजेन्द्र प्रसाद तिवारी (एडवोकेट) ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है।

इस घटना को लेकर पूरे सीधी जिला, मध्य प्रदेश में चर्चा तेज है। वहीं, प्रतिलिपि के माध्यम से पुलिस अधीक्षक सीधी एवं तहसीलदार कुसमी को भी सूचना दी गई है।

वही अब सबकी निगाहें 22 फरवरी पर टिक गई हैं,क्या प्रशासन कोई निर्णायक कदम उठाएगा या आंदोलन की आहट कुसमी में बड़ा रूप लेगी? यही सवाल फिलहाल इलाके में सबसे बड़ा सस्पेंस बना हुआ है।

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