27 कॉल… जंगल में आखिरी मुलाकात और फिर मौत: शादी की जिद बनी वजह, बीए फाइनल की छात्रा की पत्थर मारकर हत्या; आरोपी बोला- “एक घंटे तक समझाया, फिर गुस्से में मार डाला”
सीधी जिले के चुरहट थाना क्षेत्र के कोष्टा पवाई जंगल में मिले अज्ञात मानव कंकाल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह मामला प्रेम प्रसंग के बाद शादी को लेकर हुए विवाद में हुई हत्या का है। मामले में पुलिस ने पवन कुमार कारपेंटर (20) निवासी चिलरी कला, थाना कमर्जी को गिरफ्तार किया है।
मृतका की पहचान प्रियंका साकेत (19) निवासी ग्राम मवई, थाना चुरहट के रूप में हुई, जो बीए फाइनल ईयर की छात्रा थी। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच वर्ष 2025 से प्रेम संबंध थे। पिछले करीब आठ महीने से युवती शादी का दबाव बना रही थी, लेकिन आरोपी परिवार के विरोध का हवाला देकर लगातार इनकार करता रहा।
जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन आरोपी ने युवती को मिलने के लिए लगातार 27 बार कॉल किए। बार-बार फोन करने के बाद वह चुरहट पहुंची और दोनों कोष्टा पवाई के जंगल की ओर चले गए। वहीं शादी को लेकर दोनों के बीच फिर विवाद शुरू हो गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह युवती को शादी के लिए मना करने नहीं, बल्कि समझाने के इरादे से जंगल के पास बुलाया था। उसके अनुसार उसने करीब एक घंटे तक युवती को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह शादी की जिद पर अड़ी रही। आरोपी का कहना है कि युवती अपने साथ एक लाल रंग का चाकू और जहर की डिब्बी लेकर आई थी तथा कथित रूप से उसने उसके सामने हाथ की नस काटने का प्रयास भी किया। आरोपी ने दावा किया कि इसी दौरान उसका आपा खो गया और उसने पास में पड़ा बड़ा पत्थर उठाकर युवती के सिर पर वार कर दिया। इसके बाद गर्दन के पास दूसरा वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद आरोपी ने खुद को बचाने के लिए मृतका का मोबाइल बंद कर उसके व्हाट्सएप से बहन को भ्रामक संदेश भेजा। बाद में मोबाइल तोड़कर नरकुई नदी में फेंक दिया ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंच सके।
30 जून 2026 को जंगल में मानव कंकाल मिलने के बाद शुरू हुई जांच में डीएनए परीक्षण, तकनीकी विश्लेषण, कॉल डिटेल और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची। पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने तथा एससी/एसटी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी द्वारा पूछताछ में बताए गए तथ्यों का सत्यापन जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जा रहा है।

