70 लाख का गेहूं या लापरवाही का ढेर? मंडला के वेयरहाउस में 15 हजार क्विंटल अनाज हुआ खराब
मंडला के खेड़ी स्थित सरकारी वेयरहाउस से सामने आई तस्वीरें और जानकारी सरकारी अनाज के रखरखाव पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे समय तक भंडारण के दौरान करीब 15 हजार क्विंटल सरकारी गेहूं कीड़े लगने और खराब होने से बर्बाद हो गया। दावा है कि खराब हुए गेहूं की कीमत करीब 70 लाख रुपये बताई जा रही है।
सवाल सिर्फ गेहूं खराब होने का नहीं, बल्कि यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में अनाज खराब होता रहा और जिम्मेदारों को समय रहते इसकी भनक क्यों नहीं लगी? आखिर भंडारण की निगरानी व्यवस्था कहां थी और सरकारी अनाज की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी?
अगर जांच में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय होना भी जरूरी है। क्योंकि यह सिर्फ अनाज का नुकसान नहीं, बल्कि सरकारी संसाधनों और खाद्य सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।
अब सबकी नजर विभागीय जांच पर है—कितना अनाज खराब हुआ, क्यों हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन है? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही साफ होंगे।