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Rewa news:रीवा में चना खाने से दो साल के बच्चे की मौत

Manoj Shukla

By Manoj Shukla

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Rewa news : छोटे से अनजाने खतरे ने छीन ली मासूम की जान: रीवा में चना खाने से दो साल के बच्चे की मौत

Rewa news : माता-पिता के लिए यह कल्पना भी मुश्किल है कि एक साधारण सा चना उनके मासूम बच्चे की जान ले सकता है। रीवा जिले के सेमरा गांव में बुधवार शाम दिल दहला देने वाली घटना घटी, जहां दो साल के मासूम रौनक साहू की चना खाने से मौत हो गई। चना उसकी सांस नली में फंस गया, जिससे दम घुटने लगा और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने अंतिम सांस ले ली।

कैसे हुई यह दर्दनाक घटना?

Rewa news : जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 4 बजे रौनक को भूख लगी थी। घर में रखी प्लेट से उसने चना उठा लिया और खाने लगा। कुछ ही सेकंड में उसकी सांस फूलने लगी और आंखें पलट गईं। परिवार वालों ने तुरंत उसे संजय गांधी अस्पताल, रीवा ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

सांस नली में फंसा चना बना जानलेवा

संजय गांधी अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. यत्नेश त्रिपाठी के अनुसार, चना सांस नली में फंसने की वजह से बच्चे का दम घुट गया। यह कोई पहली बार की घटना नहीं है। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों को ठोस और सूखे खाद्य पदार्थ देते समय अत्यधिक सतर्कता बरतनी चाहिए, क्योंकि वे इन्हें सही तरीके से चबा नहीं पाते, जिससे जानलेवा स्थिति बन सकती है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट करेगी पुष्टि

बच्चे के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों की पुष्टि होगी, हालांकि प्रारंभिक जांच में दम घुटने को ही कारण बताया जा रहा है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

छोटे बच्चों के भोजन को लेकर रखें ये सावधानियां

इस घटना के बाद विशेषज्ञों ने छोटे बच्चों के भोजन को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है:

छोटे बच्चों को ठोस और सूखा खाना देने से बचें।

कोई भी खाद्य पदार्थ खिलाते समय उन्हें बैठाकर खिलाएं।

छोटे कण वाले खाद्य पदार्थ, जैसे चना, मूंगफली, मक्का आदि, बच्चों को देने से पहले उनकी उम्र और चबाने की क्षमता का ध्यान रखें।

यदि बच्चा सांस लेने में तकलीफ महसूस करे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

यह घटना माता-पिता और अभिभावकों के लिए एक चेतावनी है कि छोटे बच्चों के आहार को लेकर लापरवाही घातक हो सकती है। सतर्कता ही बच्चों की सुरक्षा की कुंजी है।

Manoj Shukla

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मै मनोज कुमार शुक्ला 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।

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