स्कूल बस का किराया छह से नौ गुना बढ़ा, ताप विद्युत गृह के कर्मचारियों में नाराजगी, एसोसिएशन ने प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

संजय गांधी ताप विद्युत गृह में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चों की स्कूल बस सुविधा को लेकर नया विवाद सामने आया है। स्कूल बस के किराये में अचानक की गई भारी वृद्धि के खिलाफ पॉवर इंजीनियर्स एंड एम्प्लाइज एसोसिएशन ने प्रबंधन का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल किराया वृद्धि वापस लेने और बस सेवा सुचारू रूप से संचालित करने की मांग की है।

एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव सनत पटेल ने 11 अगस्त को कार्यपालन निदेशक, संजय गांधी ताप विद्युत गृह को ज्ञापन सौंपकर कहा कि परियोजना दूरस्थ क्षेत्र में स्थित है और यहां कार्यरत कर्मचारी पूरी निष्ठा से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उनके बच्चों की शिक्षा और परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखना प्रबंधन की जिम्मेदारी है।

2200 का किराया हुआ 12 हजार

ज्ञापन में स्कूल बस किराये में की गई वृद्धि को अत्यधिक बताते हुए अलग-अलग स्कूलों का विवरण दिया गया है। इसके अनुसार केंद्रीय विद्यालय का वार्षिक बस किराया पहले 2200 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया गया है। यानी कर्मचारियों पर सालाना 9800 रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

इसी तरह सेंट जोसेफ और सेंट एलोसियस स्कूल का किराया 1200 रुपये से बढ़ाकर 9000 रुपये कर दिया गया है। इसमें 7800 रुपये की वार्षिक वृद्धि हुई है। वहीं बालमंदिर और हैलो किड्स का किराया 500 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये किया गया है। एसोसिएशन ने इसे कर्मचारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बताया है।

बीच सत्र में बढ़ोतरी पर उठे सवाल

एसोसिएशन का कहना है कि बच्चों का शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। बच्चों के बस पास भी जारी किए जा चुके थे और बस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही थी। ऐसे में बीच शैक्षणिक सत्र में अचानक किराये में इतनी बड़ी वृद्धि करना उचित नहीं है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि अन्य ताप विद्युत परियोजनाओं में स्कूल बस का वार्षिक किराया अपेक्षाकृत कम है। श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह और सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में 2200 और 1200 रुपये वार्षिक किराये का उल्लेख करते हुए संजय गांधी ताप विद्युत गृह में प्रस्तावित बढ़े हुए शुल्क पर सवाल उठाए गए हैं।

बस सेवा सुरक्षित और नियमित करने की मांग

एसोसिएशन ने प्रबंधन से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें बढ़ा हुआ किराया तत्काल वापस लेकर पूर्व निर्धारित किराया लागू करना, बच्चों के लिए स्कूल बसों का नियमित और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करना तथा दूरस्थ क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा और परिवहन से जुड़ी सुविधाओं में सकारात्मक कदम उठाना शामिल है।

एसोसिएशन ने प्रबंधन से संवेदनशीलता के साथ मामले पर विचार करते हुए बढ़ा हुआ परिवहन शुल्क वापस लेने और स्कूल बस सेवा को सुचारू रूप से संचालित करने के आदेश जारी करने की मांग की है।

ज्ञापन की प्रतिलिपि ऊर्जा विभाग, मध्य प्रदेश शासन, मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों, श्रम कल्याण मंडल, संजय गांधी ताप विद्युत गृह के अधिकारियों तथा भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों को भी भेजी गई है। अब कर्मचारियों की नजर प्रबंधन के अगले कदम पर है।

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