मड़वास शासकीय महाविद्यालय में 470 विद्यार्थियों के लिए सुविधाओं का अभाव, जर्जर भवनों से हादसे का खतरा
मड़वास/सीधी। मझौली जनपद पंचायत क्षेत्र के मड़वास स्थित शासकीय महाविद्यालय में अध्ययनरत करीब 470 छात्र-छात्राओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव चिंता का विषय बना हुआ है। महाविद्यालय परिसर में पर्याप्त शौचालय, पेयजल और खेलकूद जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। वहीं परिसर में बने करीब दर्जनभर भवन लंबे समय से अनुपयोगी होकर खंडहर में तब्दील हो चुके हैं, जिससे कभी भी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि जर्जर भवनों को गिराने की प्रक्रिया अब तक नहीं की गई है। यदि इनमें से कोई भवन अचानक गिरता है तो बड़ा हादसा हो सकता है। महाविद्यालय के सामने बारिश के दौरान पानी का जलभराव भी परेशानी का कारण बना हुआ है।
चारों तरफ उगी घास, जहरीले कीड़ों का खतरा
महाविद्यालय परिसर में साफ-सफाई का भी अभाव दिखाई देता है। चारों तरफ घास उगी होने के कारण विद्यार्थियों को जहरीले कीड़े-मकौड़ों के काटने का डर बना रहता है। अभिभावकों ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए परिसर की नियमित साफ-सफाई कराने की मांग की है। वहीं छात्रों के लिए खेल मैदान और खेलकूद की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं होने की बात कही गई है।
माध्यमिक विद्यालय के भवन में चल रहा महाविद्यालय का कार्यालय
इसी परिसर में शासकीय माध्यमिक विद्यालय मड़वास का भवन भी जर्जर हालत में बताया जा रहा है। विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक करीब 70 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। तीन कमरों वाले भवन में से दो कमरों में विद्यार्थियों की कक्षाएं संचालित होती हैं, जबकि एक कमरे में शासकीय महाविद्यालय का कार्यालय संचालित किया जा रहा है।
एक ही भवन में महाविद्यालय का कार्यालय संचालित होने से माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के पठन-पाठन पर भी असर पड़ने का आरोप लगाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय और महाविद्यालय दोनों के लिए अलग-अलग भवन एवं पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था की जानी चाहिए।
पेयजल और वाटर सप्लाई की समस्या
महाविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के लिए नियमित पेयजल और वाटर सप्लाई की सुविधा भी उपलब्ध नहीं होने की शिकायत सामने आई है। 470 विद्यार्थियों वाले महाविद्यालय में शौचालय, पेयजल, साफ-सफाई और खेलकूद जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी से छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि महाविद्यालय परिसर का निरीक्षण कर जर्जर भवनों को सुरक्षित तरीके से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। साथ ही विद्यार्थियों के लिए शौचालय, पेयजल, खेल मैदान, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।