सतना में चाकू की नोक पर दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला, viral video से खुला पूरा घटनाक्रम
सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र से सामने आए चाकू की नोक पर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। यह गंभीर मामला तब उजागर हुआ जब पीड़िता का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर viral video हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन भी हरकत में आया और अब मामले की उच्चस्तरीय जांच की जा रही है। आरोप एक स्थानीय भाजपा नेता अशोक सिंह निवासी करही (हनुमानगंज) पर लगे हैं, जिनकी पृष्ठभूमि भी विवादों से जुड़ी बताई जा रही है।
पीड़िता ने 22 दिसंबर को पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह को लिखित शिकायत सौंपते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। शिकायत के अनुसार, लगभग छह माह पूर्व आरोपी अशोक सिंह जबरन उसके घर में घुस आया। चाकू की नोक पर उसने दुष्कर्म किया और इस दौरान आपत्तिजनक viral video भी बना लिया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने वीडियो वायरल करने और परिवार सहित जान से मारने की धमकी देकर उसे लंबे समय तक डर के साए में रखा।
पीड़िता के अनुसार, इस पहली घटना के बाद वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी और डर के कारण किसी को कुछ बता नहीं सकी। इसी बीच 20 दिसंबर को आरोपी दोबारा उसके पास पहुंचा और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर जबरन शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम खुद को प्रभावशाली बताता है और कहता है कि “कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”
मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें आरोपी पीड़िता को धमकाते हुए दिखाई दे रहा है। वायरल वीडियो में आरोपी पुलिस और थाना प्रभारी को भी गालियां देता नजर आ रहा है और यह कहता सुनाई देता है कि उसे कोई फंसा नहीं सकता। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि आरोपी अशोक सिंह आपराधिक प्रवृत्ति का है और पूर्व में जिला बदर की कार्रवाई का सामना कर चुका है। इसके बावजूद उसके हौसले इतने बुलंद हैं कि वह खुलेआम कानून को चुनौती देता नजर आ रहा है।
पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसी दिन जांच की जिम्मेदारी डीएसपी (हेडक्वार्टर) मनोज त्रिवेदी को सौंपी थी। हालांकि, पांच दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। डीएसपी मनोज त्रिवेदी का कहना है कि मामला जांच में है और रिकॉर्ड देखने के बाद ही विस्तृत जानकारी दी जा सकेगी।

