UGC कानून के विरोध में सीधी रहा बंद, सड़कों पर उतरे सैकड़ों कार्यकर्ता, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच सरकार के खिलाफ गूंजे नारे
केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित UGC कानून के विरोध में रविवार को सीधी जिले में व्यापक बंद का असर देखने को मिला। दोपहर 1 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक शहर के प्रमुख बाजारों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं। इस दौरान अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा करणी सेना सहित विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र व मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने UGC कानून को “काला कानून” करार देते हुए कहा कि यह शिक्षा व्यवस्था, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और शिक्षकों के अधिकारों के खिलाफ है। उनका आरोप है कि इस कानून के जरिए केंद्र सरकार शिक्षा पर केंद्रीकरण थोपना चाहती है, जिससे राज्यों के अधिकार और स्थानीय जरूरतें प्रभावित होंगी।
बंद के दौरान सम्राट चौराहा, गांधी चौराहा सहित शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों से रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से आम नागरिकों से बंद का समर्थन करने की अपील की गई, जिसका व्यापक असर देखने को मिला। कई व्यापारियों और आम लोगों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानों के शटर गिराकर आंदोलन को समर्थन दिया।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया था। थाना प्रभारी कोतवाली अभिषेक उपाध्याय ने बताया कि पूरे आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और कहीं भी अशांति या उपद्रव की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के जिला अध्यक्ष पंडित राकेश दुबे ने आंदोलन को सफल बताते हुए कहा कि यह विरोध पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन में सभी वर्गों का समर्थन मिला है और लोगों ने खुलकर यूजीसी कानून का विरोध किया है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया तो आगे और भी व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
