सरकार से आंकड़ों पर नहीं तथ्यों पर बात करेगी कांग्रेस..
तीन मंत्रियों का इस्तीफा और कर्ज पर श्वेत पत्र जारी करने की होगी मांग…
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में बनी रणनीति…
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र शुरु हो चुका है। उसके पहले सरकार को घेरने के लिए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित की गई जिसमें में तय किया गया कि यह सत्र “आंकड़ों का खेल” नहीं बनने दिया जाएगा, बल्कि किसानों, युवाओं, महिलाओं, आदिवासियों, दलितों और पिछड़े वर्गों से जुड़े सवालों पर सरकार से सीधे जवाब मांगने वाला होगा। इस बैठक में कांग्रेस विधायक दल ने इंदौर-भागीरथपुरा में कथित जल प्रदूषण से हुई मौतों के मामले को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताया।
इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने की बात कही गई है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार चर्चा से बच रही है और जवाबदेही तय नहीं कर रही। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बजट का आकार बढ़ रहा है, लेकिन प्रदेश पर कर्ज का बोझ उससे भी ज्यादा है। कांग्रेस ने राज्य की वास्तविक आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
कांग्रेस ने प्रशासनिक विफलताओं के मुद्दे पर कैलाश विजयवर्गीय, राजेन्द्र शुक्ल और विजय शाह से इस्तीफे की मांग उठाने का निर्णय लिया है। पार्टी का कहना है कि जवाबदेही तय किए बिना सुशासन का दावा खोखला है। इस बार कांग्रेस सरकार को सदन से लेकर सड़क तक घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। चरणबद्ध तरीके से सभी मामलों पर सरकार को घेरा जाएगा।

