विधानसभा की तल्ख टिप्पणी पर बवाल, जिले-जिले में कांग्रेस का उग्र विरोध
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
मध्यप्रदेश विधानसभा में हुई एक कथित टिप्पणी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सदन में प्रदेश के जनहित मुद्दों पर सरकार को घेर रहे थे। इसी दौरान नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर औकात में रहो जैसे शब्द कहने का आरोप लगा। इस कथन के बाद सदन का वातावरण अचानक तनावपूर्ण हो गया और विपक्षी सदस्यों ने इसे संसदीय मर्यादा के विपरीत बताया।

विपक्ष का कहना है कि विधानसभा लोकतांत्रिक संवाद का मंच है, जहां असहमति हो सकती है, लेकिन भाषा की सीमा नहीं टूटनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणी लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाती है और जनता के चुने प्रतिनिधियों के सम्मान के खिलाफ है।
इस बयान की गूंज उमरिया जिले में भी सुनाई दी। जिला कांग्रेस कमेटी ने विरोध दर्ज करते हुए सड़कों पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और मंत्री का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मंत्री सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ें।
इसी क्रम में बिरसिंहपुर पाली में भी विरोध प्रदर्शन हुआ। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पाली के अध्यक्ष रवि मिश्रा के नेतृत्व में अंबेडकर चौराहा पर पुतला दहन किया गया।
विरोध प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद उपाध्याय, राम बिहारी उपाध्याय, रमेश सिंह सेंगर,यूथ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रजनीश तिवारी ,शाकिर अली, एन एल पटेल, कृष्ण कांत अवधिया, अंबिका प्रसाद पांडे, बबलू शर्मा, राकेश शुक्ला, दिलीप त्रिपाठी, सिया बाई कोल, अरुण सिंह, बलराम प्रजापति, उमेश यादव, दिलीप महोबिया, रामजी रौतेल, रजनीश तिवारी, शनू प्रकाश उपाध्याय, सुनील साहू, अंकित मिश्रा, चंद्रभान सिंह, अजय मिश्रा, पवन पटेल, रुकेश बारी, विजय गुप्ता, बंटी वर्मा, लक्की वर्मा, जय सोनी, सुमित सेन, स्वस्तिक सिंह, रामपाल चक्रवाह और सोनू नायक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे।
फिलहाल इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।


