Ladli Laxmi Yojana: MP में 20 प्रतिशत लाडली लक्ष्मियों को ही मिलेंगे एक लाख
पंजीकृत लाडली लक्ष्मियों में से मात्र 52% बेटियां ही पहुंच सकीं कक्षा 6 तक
सिर्फ 12वीं में प्रवेश लेने वाली 20% लक्ष्मियों को ही मिलेगी 1 लाख की राशि
शिक्षा के गिरते ग्राफ पर इंदौर HC ने स्वतः संज्ञान लेकर सरकार से पूछा जवाब
प्रदेश में लाडली लक्ष्मी योजना के तहत पंजीकृत 52.35 प्रतिशत बच्चियों ने ही कक्षा छठवीं तक पढ़ाई की है। वहीं 19.97 प्रतिशत लाडली लक्ष्मियों ने कक्षा 12वीं, 5.83 प्रतिशत ने स्नातक और 0.33 फीसदी ने स्नातकोत्तर में प्रवेश लिया है। यह जानकारी महिला बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने प्रताप ग्रेवाल के प्रश्न पर दी। इस प्रकार देखा जाए तो 20 प्रतिशत लाडली लक्ष्मियों को ही एक लाख रुपये मिलेंगे।
पंजीयन के आंकड़े और शैक्षणिक प्रवेश की स्थिति
मंत्री निर्मला भूरिया ने बताया कि 2007 से 2025 तक 52.2 लाख लाडली लक्ष्मियों ने पंजीयन करवाया। 2012 में सर्वाधिक 3,54,271 तथा उसके बाद 2021 में 3,44,649 व 2025 में 2,72,006 पंजीयन हुए। 2025-26 तक योग्य 26.13 लाख लाडली लक्ष्मियों में से 13.68 लाख यानी 52.35 प्रतिशत ने ही कक्षा छठवीं कक्षा में प्रवेश लिया। कक्षा नौवीं में 42.21 और 11वीं में 24.72 प्रतिशत ने प्रवेश लिया।
लाभ की पात्रता और भविष्य के अनुमान
योजना के प्रावधान के अनुसार जिन लाड़लियों ने कक्षा 12वीं में प्रवेश लिया है, उन्हीं को एक लाख रुपये 21 वर्ष पूर्ण करने पर प्राप्त होंगे। 2027 में पांच हजार और 2028 में 40 हजार लाडली लक्ष्मियां लाभान्वित होंगी। उल्लेखनीय है कि लाडली लक्ष्मियों में शिक्षा के प्रति रुझान कम होने को लेकर तीन दिसंबर 2025 को उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर ने स्वतः संज्ञान लेकर सरकार से जवाब मांगा है।

