बैगा परिवारों ने की “बैगा प्रोजेक्ट”लागू करने की मांग
संजय सिंह मझौली
सीधी जिले के मझौली तहसील अंतर्गत ग्राम चमराडोल में महामहिम राज्यपाल मंगू भाई पटेल के आगमन को लेकर बैगा जनजाति उत्साहित भी हैं और अपेक्षित भी हैं क्योंकि राज्यपाल के कार्यक्रम में बैगा परिवारों के साथ संवाद करना प्राथमिकता में है जिस कारण बैगा जनजाति के परिवारों को काफी उम्मीद और अपेक्षा भी है कि यहां भी बैगा प्रोजेक्ट शीघ्र ही लागू होगा।
बैगा जनजाति का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व जनपद उपाध्यक्ष एवं पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत चमराडोल बीरन बैगा ने मीडिया से कहा कि मध्य प्रदेश के कई जिलों में “बैगा प्रोजेक्ट”लागू है जहां उन्हें विकास के मुख्य धारा में जोड़ने के लिए कई योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जाता है लेकिन सीधी जिला में अभी तक बैगा प्रोजेक्ट लागू नहीं है।
जिस कारण यहां के बैगा जनजाति आज भी मुख्य धारा से कोसों दूर है जो अपने बच्चों को आर्थिक अभाव में ना अच्छे से शिक्षा दे पाते हैं और ना ही स्वरोजगार स्थापित कर पाते हैं यही कारण है कि 18 वर्ष उम्र पार करते ही युवक रोजगार के लिए पलायन कर जाते हैं वहीं महिला और परिवार के मुखिया आज भी वनोंपज पर आश्रित हैं।
आवासीय छात्रावास भी जरूरी
ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम पंचायत चमराडोल एवं अगल-बगल के ग्राम भी बैगा बाहुल्य क्षेत्र हैं जिस कारण यहां बैगा परिवारों के बच्चों के लिए आवासीय छात्रावास जरूरी है जिसकी मांग लंबे समय से की जा रही है लेकिन अभी तक आवासीय छात्रावास संचालित नहीं हो सके।
इनका कहना
राज्यपाल के आगमन से बैगा परिवारों में उत्साह भी है और बैगा प्रोजेक्ट लागू होने की उम्मीद भी है।
बीरन बैगा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि
आज के समय में भी बैगा जनजाति काफी पिछड़ा हुआ है जिसे बैगा प्रोजेक्ट के माध्यम से मुख्य धारा में जोड़ा जा सकता है।यहां आवासीय छात्रावास भी जरूरी है।
संतोष बैगा बोदारी टोला
आज भी हम महिलाएं जंगल में निर्भर हैं जहां से तेंदूपत्ता और महुआ फूल आजीविका का साधन है। हम लोगों के पास खेती बाड़ी नहीं है।बैगा प्रोजेक्ट लागू होना चाहिए।
रामबाई बैगा बोदारी टोला

