भाजपा ने सोशल मीडिया संगठन को दी नई मजबूती, रीवा-शहडोल सहित पूरे मध्यप्रदेश के संभागों में प्रभारी व सह-प्रभारी नियुक्त
अब मध्यप्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी ने अपने सोशल मीडिया विभाग में बड़ी नियुक्तियों की घोषणा की है। पार्टी के प्रदेश सोशल मीडिया विभाग के संयोजक सुयश त्यागी द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के सभी संभागों में सोशल मीडिया प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। यह नियुक्तियां प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से की गई हैं और तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
इस जारी आदेश के मुताबिक रीवा संभाग में राजीव सिंह को संभाग प्रभारी और जितेंद्र तिवारी को सह-संभाग प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं शहडोल संभाग में अंशुमाली शुक्ला को प्रभारी और दीपक मौर्य को सह-प्रभारी बनाया गया है। जबलपुर संभाग में अमन शर्मा को प्रभारी तथा अर्पण मैद को सह-संभाग प्रभारी नियुक्त किया गया है।
वही इसी प्रकार अन्य संभागों में भी संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उज्जैन संभाग में आशुतोष राठौर को प्रभारी और अभी जाट को सह-प्रभारी बनाया गया है। छिंदवाड़ा संभाग में आदित्य शर्मा को प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। सागर संभाग में अंशुल सिंह परिहार प्रभारी और प्रतीक सराठे सह-प्रभारी होंगे।

जहा ग्वालियर संभाग में विवेक शर्मा प्रभारी और आदित्य पवैया सह-प्रभारी बनाए गए हैं, जबकि चंबल संभाग में आयुष सुरेश शर्मा प्रभारी और मोनू नरवारिया सह-प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। नर्मदापुरम संभाग में एस. सुजीत कुमार को संभाग प्रभारी बनाया गया है।
एमपी की राजधानी भोपाल संभाग में मधुर शर्मा को प्रभारी और आयुष साहु को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं इंदौर संभाग में अंकित परमार प्रभारी और दीपक बागवान सह-प्रभारी होंगे। निमाड़ संभाग में भूपेंद्र राठौर प्रभारी और प्रियंका चौहान सह-प्रभारी बनाई गई हैं, जबकि मंदसौर संभाग में संयम जैन को प्रभारी और दिव्यांश सुराना को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।
वही पार्टी का कहना है कि इन नियुक्तियों से प्रदेश में डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यम से संगठन की गतिविधियों, सरकार की योजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा। साथ ही प्रत्येक संभाग में सोशल मीडिया नेटवर्क को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की जिम्मेदारी भी इन पदाधिकारियों के कंधों पर होगी।

