“राम के नाम पर वोट, तालाब पर गंदगी!” रामपुर तालाब के भीटा पर दुकानें, लैट्रिन पाइप सीधे तालाब में
सीधी–सिहावल | रिपोर्टर: राजबहोर केवट
सिहावल विधानसभा क्षेत्र में अतिक्रमण का मुद्दा अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। ग्राम पंचायत बमुरी के मुख्य बाजार में स्थित प्राचीन रामपुर तालाब इन दिनों अतिक्रमण और गंदगी का शिकार होता जा रहा है।
लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अमला इस पर कार्यवाही करने से परहेज करता नजर आ रहा है।
यह तालाब वर्षों पुराना है और इसके समीप प्राचीन भगवान भोलेनाथ का मंदिर भी स्थित है, जहां क्षेत्र के लोग आस्था के साथ पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि मंदिर और तालाब की पवित्रता की परवाह किए बिना अतिक्रमणकारियों ने तालाब के भीटा के अन्दर और भीटा पर मकान का निर्माण कराकर दुकानें संचालित कर ली हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ जगहों पर लैट्रिन टैंक का पाइप सीधे तालाब में जोड़ दिया गया है, जिससे तालाब का पानी गंदा हो रहा है और धार्मिक स्थल की मर्यादा भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी और पूर्व तहसीलदार साक्षी गौतम के द्वारा बेदखली की प्रक्रिया भी प्रारंभ की थी, लेकिन उनका अचानक स्थानांतरण होने के बाद से यह कार्रवाई लगभग ठप हो गई।
लोगों में चर्चा है कि अतिक्रमणकारियों को “गांधी ब्रांड” (नोटों) के सहारे कुछ नेताओं का संरक्षण मिल रहा है, जिसके चलते कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पा रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब भगवान के नाम पर वोट मांगने वाले नेता ही मंदिर और तालाब की पवित्रता बचाने में गंभीर नहीं दिखेंगे, तो क्षेत्र की आस्था और धरोहरों का संरक्षण कैसे होगा?
अब देखना यह होगा कि सिहावल के जनप्रतिनिधि और प्रशासन इस मामले में कब जागते हैं और रामपुर तालाब को अतिक्रमण व गंदगी से मुक्त कराने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

