झाड़-फूंक के शक में बुजुर्ग की हत्या, डेढ़ महीने बाद पुलिस ने खोला राज
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में 60 वर्षीय मन्नू सिंह की हत्या का मामला अब पूरी तरह साफ हो गया है। करीब डेढ़ महीने पहले सामने आई यह घटना शुरू में रहस्यमयी लग रही थी, लेकिन पुलिस जांच में यह अंधविश्वास और आपसी रंजिश से जुड़ी सुनियोजित हत्या निकली। पुलिस ने इस मामले में गांव के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पठारी कला के मरदर निवासी मन्नू सिंह का शव 20 मार्च को उनके खेत के पास बंधवा नाला किनारे कंबल से ढका मिला था। शव की हालत खराब थी और घटनास्थल पर खून के निशान, पत्थर व मिट्टी पर खून मिलने से हत्या की आशंका मजबूत हुई। बाद में आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुष्टि की कि गला घोंटकर और भोंथरी वस्तु से हमला कर उनकी हत्या की गई थी।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और मुखबिर की सूचना, तकनीकी साक्ष्य व पूछताछ के आधार पर तीन संदिग्धों तक पहुंची। जांच में सामने आया कि गांव के ही विनोद सिंह, दीनदयाल सिंह और मनोज सिंह इस हत्याकांड में शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, 18 मार्च की शाम तीनों आरोपियों ने झाड़-फूंक के बहाने मन्नू सिंह को खेत में बुलाया। पहले से बनाई गई योजना के तहत उन्होंने डंडों से हमला किया और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद शव को नाले के किनारे कंबल से ढककर छोड़ दिया गया, ताकि मामला सामान्य मौत जैसा लगे।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों को शक था कि मन्नू सिंह जादू-टोना कर उनके परिवार को नुकसान पहुंचा रहे थे। साथ ही निजी रंजिश और पेशेगत प्रतिस्पर्धा भी इस हत्या की वजह बनी।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और अधिकारियों की निगरानी में टीम ने लगातार प्रयास कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।


