पत्नी और प्रेमी ने मिलकर की युवक की हत्या
पुलिस ने 24 घंटे में किया सनसनीखेज खुलासा
संजय सिंह मझौली
सिंगरौली जिले के सरई थाना अंतर्गत निवास चौकी क्षेत्र में एक युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर चौंकाने वाला खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।इस हत्या की साजिश रचने वाली कोई और नहीं बल्कि मृतक की पत्नी ही निकली जिसने अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया।
*मृतक के परिजनों ने पत्नी को ही बताया था कातिल*
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने समाचार पत्रों के माध्यम से मामले के संबंध में मृतक अजय वैश्य के पत्नी उमा वैश्य को ही कातिल बताया था जिसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी और वही बात पुलिस के जांच में भी साबित हुई।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक अजय कुमार बैस (निवासी ग्राम खंतरा,थाना मझौली, जिला सीधी) का शव सरई थाना क्षेत्र के रजनिया जंगल में संदिग्ध अवस्था में उसकी मोटरसाइकिल के नीचे दबा हुआ मिला था। शव मिलने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई थी।प्रारंभिक जांच में मृतक के सिर पर पत्थर से वार कर हत्या किए जाने की आशंका जताई गई थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री के निर्देशन पर तथा एसडीओपी देवसर गायत्री तिवारी के मार्गदर्शन में सरई थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भदौरिया एवं निवास चौकी प्रभारी सूरज सिंह के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई।पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और डॉग स्क्वॉड टीम की मदद से जांच प्रारंभ की।
जांच के दौरान पुलिस को मृतक की पत्नी उमा वैश्य की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिस ने उमा वैश्य,उसके कथित प्रेमी अमर बहादुर वैश्य तथा उनके साथी चंद्र प्रकाश वैश्य को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने मिलकर हत्या की साजिश रचने और घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।
पुलिस के अनुसार मृतक अजय कुमार बैस की शादी इसी वर्ष फरवरी माह में उमा वैश्य से हुई थी। शादी के कुछ ही सप्ताह बाद उमा अपने मायके चली आई थी। बताया जा रहा है कि शादी से पहले ही उमा का अपने रिश्तेदार अमर बहादुर वैश्य के साथ प्रेम संबंध था। विवाह के बाद भी दोनों के बीच संबंध बने रहे और अजय कुमार बैस उनके प्रेम संबंध में बाधा बन रहा था। इसी कारण उमा ने अपने प्रेमी अमर बहादुर वैश्य और उसके साथी चंद्र प्रकाश वैश्य के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रच डाली।
योजना के तहत तीनों ने अजय कुमार बैस को रजनिया जंगल की ओर बुलाया और वहां पत्थर से सिर कुचलकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। वारदात को दुर्घटना का रूप देने के लिए शव को मोटरसाइकिल के नीचे दबा दिया गया था, ताकि किसी को हत्या का संदेह न हो सके।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज करते हुए न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
इस पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी सरई जितेंद्र सिंह भदौरिया और निवास चौकी प्रभारी सूरज सिंह की सक्रियता और सूझ बूझ पूर्ण जांच की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने महज 24 घंटे के भीतर इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जिस कारण पुरुष के प्रति लोगों में भरोसा बढ़ा है।

