सीएम हेल्पलाइन शिकायतों में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त,18 विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस, 7 दिन की वेतन कटौती की चेतावनी
एमपी के सीधी जिले में आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
सीधी कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का समयसीमा के भीतर निराकरण नहीं किया जाना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। शिकायतों के निराकरण में लगातार उदासीनता पाए जाने के कारण संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
अब जिन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उनमें सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी स्वास्थ्य विभाग डॉ. बबिता खरे, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग जे. एस. उइके, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, जिला आयुष अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी (स्कूल शिक्षा विभाग), सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, उप संचालक उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, कार्यपालन यंत्री नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग तथा कार्यपालन यंत्री ऊर्जा विभाग शामिल हैं।
इस जारी नोटिस में निर्देशित किया गया है कि सूचना पत्र प्राप्त होने के तीन दिवस के भीतर संबंधित शिकायतों का निराकरण करते हुए विस्तृत प्रतिवेदन सहित अपना जवाब प्रस्तुत किया जाए। यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सीधी कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि अधिकारी संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में असफल रहते हैं तो उनके विरुद्ध सात दिवस की वेतन कटौती की कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही मामले में एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भी वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जाएगा।
वही प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के विभिन्न विभागों में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि अब अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण को लेकर अधिक गंभीरता दिखानी होगी, ताकि आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

