विधानसभा के बाद अब पंचायत चुनाव लड़ेगी AAP, क्या है पार्टी की रणनीति?
पटना: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के शराब मामले में बरी हो जाने के बाद आम आदमी पार्टी में ऊर्जा का संचार हो गया है. अब आम आदमी पार्टी पूरे जोश खरोश के साथ अपनी पार्टी को फिर से आम लोगों के बीच में स्थापित करने में जुट गई है. यही वजह है कि अब आम आदमी पार्टी बिहार में पंचायत के त्रिस्तरीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है.
आम आदमी पार्टी की रणनीति
पंचायत का त्रिस्तरीय चुनाव इसी साल होने हैं. इसको लेकर तैयारी भी चल रही है. आम आदमी पार्टी की रणनीति क्या? बिहार में किस किस स्तर का चुनाव आम आदमी पार्टी लड़ेगी?
‘विधानसभा संतोषप्रद नतीजे’
राकेश यादव ने बताया कि आम आदमी पार्टी जमीनी स्तर पर काम करती है. हम लोग संगठन विस्तार के लिए काम कर रहे हैं. हम लोग विधानसभा का चुनाव लड़े, एक प्रतिशत वोट हम लोगों ने पाया है. यह हमारे लिए संतोषप्रद नतीजे थे. अब पंचायत स्तर के त्रिस्तरीय चुनाव हम लोग लड़ेंगे. इस चुनाव में हमारी पूरी भागीदारी रहेगी.
“हम लोग पंचायत स्तर पर, प्रखंड स्तर पर, जिले स्तर पर लगातार दौरा कर रहे हैं, हर जिले में इसको लेकर बैठक चल रही है, हमारे बहुत सारे कार्यकर्ता हैं, समर्थक हैं, जो इस चुनाव में भाग लेंगे. परिषद का, मुखिया का, सरपंच का, वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ेंगे. जब हमारे जनप्रतिनिधि निचले स्तर पर जीतकर आएंगे तो निश्चित रूप से आने वाले चुनाव में हमारा बेहतर परिणाम होगा.” – राकेश यादव, प्रदेश अध्यक्ष, आम आदमी पार्टी
‘विमर्श करने के बाद निर्णय’
राकेश यादव ने बताया कि जब हम लोग विधानसभा का चुनाव लड़ चुके थे. उसके बाद जगह-जगह जा रहे हैं, हम लोग शिक्षा का चौपाल लगा रहे हैं, बिहार यूनिट के तमाम साथियों ने मिलकर नेतृत्व से विचार विमर्श करने के बाद निर्णय लिया गया कि हमलोगों को त्रिस्तरीय चुनाव में उतरना चाहिए. वैसे अभी दलगत तो नहीं है, लेकिन कहा जा रहा है कि पार्टी के माध्यम से भी चुनाव हो सकता है.
“जिस तरीके का नोटिफिकेशन होगा, हम लोग पूरी तरीके से तैयार रहेंगे, बड़े स्तर पर पंचायत चुनाव में उतर रहे हैं. पिछली बार जब चुनाव लड़े थे तो ढाई सौ लगभग जनप्रतिनिधि हमारे जीतकर आए थे. साढे आठ हजार पंचायत हैं, हम जिला परिषद, तमाम वार्ड हर स्तर पर चुनाव लड़ रहे हैं.” – राकेश यादव, प्रदेश अध्यक्ष, आम आदमी पार्टी
प्रशांत किशोर पर निशाना
आम आदमी पार्टी के एजेंडे पर प्रशांत किशोर की सेंधमारी के सवाल पर राकेश यादव ने कहा कि वह हमारे एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं, अच्छी बात है. अरविंद केजरीवाल जी ने साफ तौर पर कहा था कि आप यदि हमें हराना चाहता चाहते हैं तो दो ही रास्ता है. एक या तो आप हमें मार दीजिए या फिर हमसे बेहतर काम कीजिए, अच्छे स्कूल, अच्छे अस्पताल बनाईए. हमारा मॉडल यदि प्रशांत किशोर लेना चाहते हैं, यदि देश की और कोई पार्टी भी लेना चाहती है उनका स्वागत है.
PK का प्रोपेगेंडा काम नहीं किया
उनको भी सफलता बहुत नहीं मिली क्योंकि, उन्होंने मीडिया के माध्यम से एक प्रोपेगेंडा चलाया था तो बिहार की जनता उनको स्वीकार नहीं करेगी. आम आदमी पार्टी बिना संसाधन के, अभाव में चुनाव लड़ी है और एक प्रतिशत वोट आया है. उनको लगभग 3% वोट आया है. उन्होंने सभी सीटों पर चुनाव लड़ा था. हम 83 पर चुनाव लड़े थे. हम जनता की बुनियादी सुविधाओं पर चुनाव लड़ना चाहते हैं इसका जीता जागता उदाहरण दिल्ली रहा पंजाब रहा है.
अरविंद केजरीवाल फंसाया गया
जिस तरीके से अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाले के झूठे केस में फसाया गया, कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है. यह आम आदमी पार्टी अरविंद केजरीवाल या मनीष सिसोदिया की जीत नहीं है, यह देश के लोकतंत्र और अरविंद केजरीवाल के विचारों की जीत है. किस तरीके से झूठे आरोपों में झूठ शराब घोटाला बनाया गया, अरविंद केजरीवाल को बदनाम किया गया, षड्यंत्र के तहत दिल्ली के सत्ता से उन लोगों को उनको बेदखल किया.
बिहार पर फोकस
राकेश यादव ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने साफ तौर पर कहां है कि आज यदि चुनाव दिल्ली में हो जाए तो भारतीय जनता पार्टी को 10 सीट ना आए. पंजाब-गुजरात चुनाव होने के बाद अरविंद केजरीवाल जी का बिहार दौरा भी होगा, अगला फोकस हम लोग बिहार पर करेंगे.

