रीलबाज़ी का खौफनाक अंत,120 की रफ्तार, हाथ में पिस्टल लाइटर और पलक झपकते बुझ गए 3 घरों के चिराग
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से रीलबाज़ी की सनक का एक ऐसा खौफनाक वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर रूह कांप उठे। यहां तेज रफ्तार और सोशल मीडिया पर स्टंट दिखाने की चाह ने तीन युवकों की जिंदगी छीन ली, जबकि दो अन्य जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
दरअसल यह दर्दनाक सड़क हादसा बीते 14 अप्रैल को हुआ था, लेकिन अब इसका लाइव वीडियो सामने आने के बाद घटना की भयावहता और भी साफ हो गई है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पल्सर 220 बाइक पर सवार तीन युवक तेज रफ्तार में सड़क पर स्टंट कर रहे थे। उनके हाथ में पिस्टल जैसे दिखने वाले लाइटर थे, जिन्हें लहराते हुए वे रील बना रहे थे। दूसरी बाइक पर सवार उनके साथी इस पूरे खतरनाक स्टंट का वीडियो शूट कर रहे थे।
बताया यह भी जा रहा है कि दोनों बाइक की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच थी। युवक ट्रकों के बीच से लहराते हुए बाइक निकाल रहे थे और ओवरटेक करने की कोशिश में लगातार जोखिम उठा रहे थे। इसी दौरान सड़क किनारे खड़े एक ट्रक पर उनकी नजर नहीं पड़ी और पलक झपकते ही उनकी बाइक सीधी ट्रक में जा भिड़ी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उस पल्सर 220 में सवार उपलक्ष उर्फ शुभम कोल (17 वर्ष), अमरीश कोल (22 वर्ष) और हेमराज कोल (17 वर्ष) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दूसरी बाइक में सवार प्रशांत द्विवेदी (19 वर्ष) और प्रदीप द्विवेदी (17 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस वीडियो में साफ नजर आता है कि हादसा महज कुछ सेकंड में हुआ और युवकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज के लिए लोग अपनी जान तक जोखिम में क्यों डाल रहे हैं।
वही इस हादसे ने तीन परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। जिन घरों में हंसी-खुशी का माहौल था, वहां अब मातम पसरा है। यह वीडियो उन सभी के लिए एक कड़ा संदेश है, जो रीलबाज़ी के चक्कर में ट्रैफिक नियमों को नजरअंदाज करते हैं।

