सिहावल में गैस आपूर्ति पर उठे सवाल,उपभोक्ता परेशान, तकनीकी दिक्कतों के बीच घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग और ब्लैक मार्केटिंग की भी चर्चा
सीधी (सिहावल राजबहोर केवट)
सीधी जिले के सिहावल क्षेत्र में घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर इन दिनों उपभोक्ताओं के बीच असंतोष और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। सीमित गैस एजेंसियों, सर्वर संबंधी तकनीकी समस्याओं और बुकिंग प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों के कारण आम उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडरों के कथित व्यावसायिक उपयोग और ब्लैक मार्केटिंग को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि सिहावल क्षेत्र में मुख्य रूप से इंडियन गैस की एक एजेंसी संचालित हो रही है, जबकि एचपी गैस की केवल सब एजेंसी के माध्यम से वितरण किया जाता है। भारत गैस की एजेंसी क्षेत्र में उपलब्ध नहीं होने की बात भी सामने आ रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुकिंग और वितरण के लिए इंतजार करना पड़ता है और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अतिरिक्त दूरी भी तय करनी पड़ती है।
बीते कुछ दिनों से गैस बुकिंग के दौरान तकनीकी समस्या भी सामने आई है। उपभोक्ताओं के अनुसार सर्वर ठीक से काम नहीं कर रहा है और ओटीपी प्राप्त नहीं होने के कारण गैस बुकिंग में बाधा आ रही है। इसके चलते कई लोग एजेंसी के चक्कर लगाने को मजबूर हैं और दैनिक जरूरतों पर असर पड़ रहा है।
इसी बीच क्षेत्र में एक और अहम सवाल खड़ा हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई होटल, ढाबों और ठेले पर संचालित छोटे व्यवसायों में भी घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग खुले तौर पर किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इन व्यवसायों तक घरेलू सिलेंडर आखिर किस माध्यम से पहुंच रहे हैं। यदि घरेलू उपयोग के सिलेंडर व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहे हैं तो यह नियमों के विपरीत माना जाता है।
सूत्रों के अनुसार क्षेत्र में कुछ व्यापारियों द्वारा घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की कथित ब्लैक मार्केटिंग किए जाने की भी चर्चा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस दिशा में जांच की जाए तो कई तथ्य सामने आ सकते हैं।
इस पूरे मामले में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक इस तरह के मामलों में एसडीएम या तहसील प्रशासन द्वारा कोई बड़ी छापामार कार्रवाई देखने को नहीं मिली है, जिससे लोगों के बीच संदेह की स्थिति बनी हुई है। नागरिकों का मानना है कि यदि समय-समय पर जांच और कार्रवाई की जाए तो व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
गैस वितरण व्यवस्था को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों के स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह मुद्दा सीधे आम जनता से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर राजनीति से ऊपर उठकर समाधान निकालने की जरूरत है। कई लोगों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में सभी पक्षों को मिलकर व्यवस्था को सुधारने के प्रयास करने चाहिए ताकि आम उपभोक्ता को राहत मिल सके।
वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सर्वर से संबंधित तकनीकी समस्या अस्थायी है और इसे जल्द ठीक कर लिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार यदि कहीं भी गैस सिलेंडरों के गलत उपयोग या अनियमितता की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सिहावल क्षेत्र के उपभोक्ता उम्मीद कर रहे हैं कि गैस वितरण व्यवस्था में सुधार होगा, तकनीकी समस्याओं का समाधान निकलेगा और यदि कहीं अनियमितता हो रही है तो उस पर भी सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।

