सीधी में 80 वर्षीय वृद्ध ने पेड़ पर लगाई फांसी, मौत के बाद सामने आए कई कारण,बिजली बिल, पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव की चर्चा
एमपी के सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत टीकर में एक 80 वर्षीय वृद्ध द्वारा पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम टीकर निवासी राम आधार गुप्ता (80 वर्ष) पिता भगवान दीन गुप्ता का शव उनके घर से करीब 30 मीटर दूर एक बबूल के पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। सुबह जब ग्रामीणों की नजर पेड़ पर लटकते शव पर पड़ी तो इलाके में हड़कंप मच गया। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।
जहा पड़ोसी बृजभान गुप्ता ने बताया कि मृतक रात करीब 1 बजे घर से निकले थे, लेकिन सुबह 4 बजे तक वापस नहीं लौटे। परिजनों को लगा कि वे टहलने के लिए बाहर गए होंगे। सुबह करीब 6 बजे एक राहगीर ने बताया कि गांव से कुछ दूरी पर बबूल के पेड़ पर किसी व्यक्ति का शव लटका हुआ है। जब परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो शव की पहचान राम आधार गुप्ता के रूप में हुई।
वही मृतक के पुत्र महेन्द्र गुप्ता का कहना है कि उनके पिता पर लगभग 10 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया था। बिजली विभाग के कर्मचारी भुगतान के लिए दबाव बना रहे थे और कनेक्शन भी काट दिया गया था। परिजनों का आरोप है कि इसी बात से आहत होकर वृद्ध ने यह कदम उठा लिया।
हालांकि अब बिजली विभाग के जेई राजेश पांडे ने इन आरोपों को नकारते हुए बताया कि मृतक करीब एक साल से बिल जमा नहीं कर रहे थे। तीन दिन पहले विभाग की टीम उनसे मिलने गई थी और उन्हें आधा भुगतान करने तथा एक महीने में बाकी राशि जमा करने की मोहलत दी गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली कनेक्शन नहीं काटा गया था और किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया गया।
इस गांव के एक स्थानीय व्यक्ति ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि मृतक के घर में बेटों के बीच जमीन-जायदाद के बंटवारे को लेकर अक्सर विवाद होता था। बताया जा रहा है कि वृद्ध पिछले दो दिनों से ठीक से खाना भी नहीं खा रहे थे और मानसिक तनाव में थे।
जहा इस संबंध में थाना प्रभारी अमिलिया राकेश बैस ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेज दिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा और जांच के बाद ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

