सीएम हेल्पलाइन में लापरवाही भारी,10 अधिकारियों पर गिरी गाज, दो दिन का वेतन काटने का सख्त आदेश
सीधी जिले में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने गंभीरता दिखाते हुए 10 अधिकारियों के विरुद्ध दो दिवस के वेतन कटौती का आदेश जारी किया है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वही जानकारी के अनुसार, 9 मार्च 2026 को संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ सूचना जारी कर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद 10 विभाग प्रमुखों द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। अधिकारियों की इस उदासीनता को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने 18 मार्च 2026 को मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत वेतन कटौती की कार्रवाई लागू कर दी।
जहा कार्रवाई की जद में आए अधिकारियों में नवनीत राठिया (कार्यपालन यंत्री, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग), गंगाराम बघेल (उप संचालक, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण), सुमन द्विवेदी (सहायक संचालक, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण), त्रयम्बकेश द्विवेदी (कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी), प्रवेश मिश्रा (जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास), पवन कुमार सिंह (जिला शिक्षा अधिकारी), जे.एस. उइके (सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य), श्याम बहादुर सिंह (कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग), डॉ. बबिता खरे (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) तथा डॉ. एस.बी. खरे (सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक) शामिल हैं।
सीधी कलेक्टर ने सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कहा है कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोहराई गई, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध और भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अब प्रशासन की इस कार्रवाई को आमजन की शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

