बाढ़ राहत घोटाला,तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की अग्रिम जमानत सुप्रीम कोर्ट से खारिज
श्योपुर। वर्ष 2021 के बहुचर्चित बाढ़ राहत घोटाले में विजयपुर तहसील में पदस्थ तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मामले में राहत देने का कोई ठोस आधार नहीं बनता।
इससे पूर्व मध्य प्रदेश हाईकोर्ट भी उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर चुका था। इसके बाद अमिता सिंह तोमर ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की थी। कोर्ट नंबर 13 में हुई सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। साथ ही, मामले से जुड़े सभी लंबित आवेदनों को भी समाप्त कर दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब अमिता सिंह तोमर की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है। पुलिस एवं प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि बाढ़ राहत घोटाले के तार अन्य अधिकारियों और बिचौलियों से भी जुड़े हो सकते हैं। इस आशंका के चलते राजस्व विभाग में हलचल तेज हो गई है और मामले की जांच का दायरा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुट सकती हैं, जिससे आने वाले दिनों में और खुलासे होने की उम्मीद है।

