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सीधी को मिला नया कलेक्टर,जन-सुनवाई के लिए मशहूर IAS विकास मिश्रा को मिली कमान

Manoj Shukla

By Manoj Shukla

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सीधी को मिला नया कलेक्टर,जन-सुनवाई के लिए मशहूर IAS विकास मिश्रा को मिली कमान, बड़े प्रशासनिक बदलाव के बीच नियुक्ति

सीधी। मध्यप्रदेश शासन ने प्रशासनिक सख्ती और जन-केंद्रित कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले 2013 बैच के आईएएस अधिकारी विकास मिश्रा को आज सीधी जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है, जब जिले में हाल के दिनों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे और बड़े स्तर पर बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही थी।

कौन हैं विकास मिश्रा?

19 अप्रैल 1974 को जन्मे विकास मिश्रा मध्यप्रदेश कैडर के 2013 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। खास बात यह है कि वे सीधे यूपीएससी से नहीं, बल्कि राज्य प्रशासनिक सेवा (State Civil Service) से प्रमोट होकर आईएएस बने हैं। उन्होंने राज्य सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया और इसके बाद उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नत किया गया।

प्रशासनिक अनुभव और प्रमुख पद

विकास मिश्रा का प्रशासनिक करियर काफी विविध और मजबूत रहा है। वे मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) में असिस्टेंट मैनेजिंग डायरेक्टर (AMD) रह चुके हैं। इसके अलावा भोपाल जिला पंचायत में CEO के रूप में भी उन्होंने काम किया।

जुलाई 2025 में उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय, भोपाल में अपर सचिव (Deputy Secretary) के पद पर पदस्थ किया गया, जहां उन्होंने आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।

इससे पहले नवंबर 2022 से अगस्त 2024 तक वे डिंडौरी जिले के कलेक्टर रहे। इस दौरान उन्होंने आदिवासी क्षेत्र में जमीन स्तर पर काम कर अपनी अलग पहचान बनाई।

डिंडौरी में बनी अलग पहचान

डिंडौरी जैसे पिछड़े और आदिवासी बहुल जिले में विकास मिश्रा ने आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया। वे अक्सर गांवों में जाकर जमीन पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुनते थे। उनकी कार्यशैली इतनी प्रभावी रही कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कई बार सार्वजनिक मंच से उनकी सराहना की।

उनका एक वीडियो भी काफी वायरल हुआ था, जिसमें वे किसानों से कहते नजर आए “मालिक आप हो, नौकर हम हैं।” इस बयान ने उन्हें जनता के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया।

नाम-प्लेट हटाकर दिया संदेश

डिंडौरी में ही उन्होंने अपने कार्यालय से “कलेक्टर” शब्द हटाकर केवल अपना नाम लिखवाया था। यह कदम उन्होंने यह संदेश देने के लिए उठाया कि प्रशासन जनता का सेवक है, न कि भय का प्रतीक।

सीधी में क्यों मिली जिम्मेदारी?

सीधी जिले में हाल ही में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर कई शिकायतें और विवाद सामने आए थे। इसके चलते राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं। ऐसे में एक अनुभवी, संवेदनशील और सख्त निर्णय लेने वाले अधिकारी की जरूरत थी, जिसे ध्यान में रखते हुए विकास मिश्रा को यहां की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अब सीधी से क्या उम्मीदें?

विकास मिश्रा की छवि एक जन-सुलभ, सक्रिय और जमीनी अधिकारी की रही है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि वे सीधी जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करेंगे, जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करेंगे और पारदर्शिता के साथ विकास कार्यों को गति देंगे।

Manoj Shukla

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मै मनोज कुमार शुक्ला 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।

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