संजय टाइगर रिजर्व में फिर गूंजी सन्नाटा,एक और तेंदुआ की मौत, आपसी संघर्ष बना कारण!
सीधी जिले के संजय टाइगर रिजर्व के मड़वास बफर क्षेत्र से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां एक नर तेंदुआ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। 26 मार्च 2026 की सुबह गश्ती दल को कक्ष क्रमांक पी-1392, बीट पश्चिम मड़वास वन परिक्षेत्र में गश्त के दौरान यह शव दिखाई दिया। इस घटना ने एक बार फिर संकेत दिया है कि संजय टाइगर रिजर्व में एक और तेंदुआ कम हो गया है।
वही घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद एनटीसीए नई दिल्ली और मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक कार्यालय भोपाल के दिशा-निर्देशों के तहत मौके को सुरक्षित किया गया। डॉग स्क्वाड की मदद से पूरे क्षेत्र की बारीकी से जांच की गई, ताकि किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप या शिकार की संभावना को खारिज किया जा सके।
जहा मृत तेंदुआ का पोस्टमार्टम तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा किया गया, जिसमें डॉ. कैलाश तिवारी (एनटीसीए प्रतिनिधि), डॉ. अभय सेंगर (वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी, संजय टाइगर रिजर्व) और डॉ. प्रशांत सिंह सेंगर (विकास खंड चिकित्सा अधिकारी, कुसमी) शामिल रहे। प्रारंभिक जांच में तेंदुआ की मौत आपसी संघर्ष के कारण होना प्रतीत हो रही है। तेंदुआ की उम्र लगभग 3 से 4 वर्ष बताई गई है और उसके शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं, जिससे शिकार की आशंका नहीं जताई जा रही।
जहा पोस्टमार्टम के बाद बिसरा सुरक्षित कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके। इसके बाद एनटीसीए की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों की उपस्थिति में शव का भस्मीकरण किया गया।
वही संजय टाइगर रिजर्व के एसडीओ सुधीर मिश्रा ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
जहा लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं वन्यजीव संरक्षण पर सवाल खड़े कर रही हैं। तेंदुओं के बीच बढ़ते संघर्ष और क्षेत्रीय दबाव को लेकर विशेषज्ञों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। अब देखना होगा कि जांच के बाद क्या नई जानकारी सामने आती है और वन विभाग इस दिशा में क्या कदम उठाता है।

