नवागत कलेक्टर विकास मिश्रा का एक्शन मोड,कुसमी तहसील में जमीनी हकीकत परखी, 20 दिन में रिपोर्ट के निर्देश
एमपी के सीधी जिले के नवागत कलेक्टर विकास मिश्रा एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए लगातार निरीक्षण शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में कलेक्टर ने कुसमी तहसील, एसडीएम कार्यालय और लोकसेवा केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
वही निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सीधे आम लोगों के बीच पहुंचे और ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं मौके पर ही सुनीं। उन्होंने तहसीलदार और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील में आने वाले प्रत्येक हितग्राही के आवेदन को अनिवार्य रूप से रजिस्टर में दर्ज किया जाए, ताकि किसी भी शिकायत की अनदेखी न हो।
इस निरीक्षण के दौरान एक अहम मामला सामने आया, जब गंगा बैगा नक्शा सुधार के लिए आवेदन लेकर पहुंचे। कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए एसडीएम के रीडर को मौके पर बुलाया और आवेदन को मार्क करते हुए 20 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
सीधी कलेक्टर ने तहसील कार्यालय के कर्मचारियों—बाबू, चौकीदार और पटवारियों से सीधे संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी ली और जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
अब सुविधाओं के अभाव को देखते हुए कलेक्टर ने तहसील परिसर में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और लोगों के बैठने के लिए पेड़ों की छांव में चबूतरे निर्माण के निर्देश पीआईयू को दिए।
जहा इसके अलावा कलेक्टर ने सीएम राइज भवन, नवीन एसडीएम कार्यालय भवन और अस्पताल का भी निरीक्षण किया। निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने मजदूरों से मजदूरी भुगतान की जानकारी ली और ठेकेदारों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वही कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूर्ण किए जाएं, किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

