ग्राम विकास की राशि से लाभान्वित किया जा रहा निजी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को
सचिव ने कहा सीईओ के बार-बार निर्देश पर कराया गया है कार्य
संजय सिंह मझौली
जनपद क्षेत्र मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत परसिली में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें ग्राम विकास की राशि से निजी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है जबकि बसाहट में आज भी लोग पानी निकासी न होने से परेशान है।
8 लाख में बनाई गई है पक्की नाली
अनुपयोगी स्थान में जहां एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान का निर्माण कार्य हो रहा है उसे लाभान्वित करने के लिए 8 लाख रुपए की पक्की नाली निर्माण का कार्य करा कर भुगतान भी कर दिया गया है लेकिन जब मीडिया द्वारा ग्राम पंचायत के सचिव सुरेश बैश से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह सही बात है जहां पक्की नाली बनी है वह अनुपयोगी स्थान है मैं वहां निर्माण कार्य के लिए मना कर दिया था लेकिन जनपद सीईओ के द्वारा बार-बार निर्देशित करने पर कार्य कराया गया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक पांचवा राज्य वित्त आयोग मद से सूर्या सिंह के घर से हरहिया नाला तक पक्की नाली निर्माण का कार्य ग्राम पंचायत द्वारा कराया गया है जबकि उस स्थान में ना तो कोई आबादी है और ना ही उपयोगिता है क्योंकि वह जंगल से घिरा क्षेत्र है। ऐसे में ग्रामीणों का सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर किसके दबाव में यह कार्य कराया गया है।
पूर्व में भी बीसों लाख रुपए के कराए जा चुके हैं कार्य
ग्रामीणों के मुताबिक उसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान के मालिक सूर्या सिंह के खेत तक सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण एवं दो कचरा शेड निर्माण जिसमें लगभग 20 लाख रुपए के लागत से कार्य कराए जा चुके हैं।
इनका कहना
यह सही बात है अनुपयोगी स्थान में पक्की नाली निर्माण कराया गया लेकिन वह कार्य सीईओ जनपद पंचायत मझौली के बार-बार निर्देशित करने पर कराया गया है जिसका स्टीमेट 8 लाख रुपए था एवं लगभग 7: 50 लाख रुपए भुगतान भी हो चुका है।
सुरेश प्रसाद बैश सचिव ग्राम पंचायत परसिली
लोग आवेदन या प्रस्ताव लेकर आते हैं तब मेरे द्वारा निर्माण कार्य के लिए निर्देशित किया जाता है अगर अनुप्योगी स्थान था तो मुझे बताना चाहिए। 2 दिन में मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
धनंजय मिश्रा सी ई ओ जनपद पंचायत मझौली

