कटोरा लेकर सड़कों पर उतरे व्यापारी, “दुकान नहीं तो भीख सही”, रीवा में अनोखे विरोध से गूंजा कलेक्ट्रेट
रीवा शहर में व्यापारियों का गुस्सा अब प्रतीकात्मक विरोध के नए रूप में सामने आ रहा है। अमहिया मार्ग के व्यापारी अपनी मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने विरोध का ऐसा तरीका अपनाया जिसने सबका ध्यान खींच लिया। आंदोलन के सातवें दिन व्यापारी हाथों में कटोरा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
दरअसल अब अमहिया मार्ग के व्यापारी विस्थापन और रोजगार संकट को लेकर लंबे समय से परेशान हैं। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण हटाने और सड़क चौड़ीकरण के चलते उनकी दुकानें प्रभावित हो रही हैं, लेकिन बदले में उन्हें कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं दी जा रही। व्यापारी “दुकान के बदले दुकान” की मांग पर अड़े हुए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
जहा इस नाराजगी के चलते व्यापारियों ने कटोरा लेकर विरोध जताया। उनका कहना था कि यदि उनकी रोजी-रोटी छीन ली जाएगी, तो उनके पास भीख मांगने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। प्रदर्शन के दौरान “राजेन्द्र तेरे राज में, कटोरा आ गया हाथ में” जैसे नारे गूंजते रहे, जो सीधे तौर पर प्रशासनिक व्यवस्था पर तंज थे।
जहा कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में पहुंचे व्यापारियों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा और जल्द समाधान की मांग की। व्यापारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज व उग्र रूप ले सकता है।
वहीं अब प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, अब देखना होगा कि यह अनोखा विरोध प्रशासन को निर्णय लेने के लिए कितना मजबूर कर पाता है, या फिर व्यापारियों का संघर्ष और लंबा खिंचता है।

