परशुराम जयंती से पहले अमिलिया में अलर्ट,शांति समिति की बैठक, पुलिस ने संभाली कमान
एमपी के सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र में भगवान परशुराम जयंती के मद्देनज़र प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। शनिवार शाम 6:30 बजे थाना परिसर में शांति समिति की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी धर्मों और समुदायों के लोगों ने भाग लेकर क्षेत्र में भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लिया।
वही यह बैठक 14 अप्रैल को हुई हिंसक घटना के बाद बुलाई गई, जिसने पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया था। उस दिन उपद्रवियों ने न केवल आम लोगों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि थाना परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की और थाना प्रभारी सहित पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट भी की थी। घटना के बाद से प्रशासन लगातार अलर्ट मोड पर है और अमिलिया बाजार सहित संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
इस बैठक के दौरान थाना प्रभारी राकेश बैंस ने उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह या संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
अब प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भगवान परशुराम जयंती शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो। इसके लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं। एसडीएम और तहसीलदार को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
वही स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए प्रशासन का सहयोग करने का भरोसा दिलाया है। शांति समिति की इस बैठक को क्षेत्र में विश्वास बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

