आदिवासी भूमि पर टावर लाइन निर्माण का विरोध तेज, बिना अनुमति कार्य रोकने की उठी मांग
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
जिले के पाली क्षेत्र में निर्माणाधीन 400 केवी बिरसिंहपुर (टीपीएस)–कटनी ट्रांसमिशन लाइन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्राम कुरकुचा निवासी एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य अर्जुन सिंह सैयाम ने अनुविभागीय अधिकारी पाली को आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि टावर लाइन का निर्माण बिना प्रशासनिक और पंचायत अनुमति के किया जा रहा है।
आवेदन के अनुसार, हथपुरा, तिवनी, कनकनी, नया मंगठार, कुरकुचा और लखनपुरा जैसे ग्रामों में आदिवासी समाज की निजी भूमि पर जबरन फाउंडेशन, इरेक्शन और वायरिंग का कार्य जारी है। यह पूरा क्षेत्र केंद्र सरकार की पांचवी अनुसूची में शामिल है, जहां किसी भी निर्माण कार्य के लिए विशेष नियमों का पालन अनिवार्य होता है। इसके बावजूद संबंधित कंपनी द्वारा न तो भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की गई और न ही ग्राम पंचायत या पेशा अधिनियम के तहत अनुमति ली गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी मनमाने तरीके से कार्य कर रही है और कई स्थानों पर ब्लास्टिंग भी की जा रही है, जिससे लोगों में डर और असंतोष का माहौल है। टावर लाइन के निर्माण से किसानों की खेती प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे आजीविका पर सीधा असर पड़ सकता है।
प्रार्थी ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि यदि टावर लाइन को वन भूमि से गुजारा जाए तो किसी भी ग्रामीण को आपत्ति नहीं होगी, लेकिन निजी आदिवासी भूमि पर जबरन निर्माण स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य पर रोक लगाने और आदिवासी समाज की जमीन को सुरक्षित रखने की मांग की है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और ग्रामीणों की चिंता को किस तरह संबोधित किया जाता है। फिलहाल क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर नाराजगी लगातार बढ़ती नजर आ रही है।


