पॉक्सो एक्ट के आरोपी रजनीश दुबे की मौत से मचा हड़कंप • अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत • मजिस्ट्रियल जांच शुरू…
सीधी जिला जेल पड़रा में बंद एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान रजनीश दुबे के रूप में हुई है, जिसे वर्ष 2023 में पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
घटना को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, खासकर तब जब डॉक्टरों ने प्रारंभिक तौर पर संकेत दिया है कि कैदी की मौत अस्पताल लाने से काफी पहले हो चुकी थी।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत…
जानकारी के अनुसार, कैदी की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल लाया गया। हालांकि, अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि कैदी की मृत्यु अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी।
सिविल सर्जन डॉ. एस.बी. खरे ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कैदी की मौत लगभग 8 घंटे पहले ही हो गई थी। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
जेल प्रशासन के दावे पर उठे सवाल…
जेल प्रशासन का कहना है कि कैदी की मौत बीमारी के कारण हुई है। लेकिन यदि मौत कई घंटे पहले हो चुकी थी, तो यह सवाल उठना लाजिमी है कि समय रहते उचित इलाज क्यों नहीं मिल पाया।
इसके अलावा यह भी प्रश्न उठ रहा है कि मृत अवस्था में कैदी को अस्पताल लाने में इतनी देरी क्यों हुई।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश..
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था और कहीं किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई।
बड़े सवाल
क्या कैदी को समय पर चिकित्सा सुविधा मिली?
मौत के बाद भी कई घंटे तक जानकारी क्यों छुपी रही?
जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
इस घटना ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मजिस्ट्रियल जांच पर टिकी है, जो इस पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकती है।

