रविवार को भी ‘एक्शन मोड’ में कलेक्टर विकास मिश्रा, औचक निरीक्षण से हिला सिस्टम,सेमरिया अस्पताल से झगरहा पंचायत तक सख्त संदेश
सीधी जिले में प्रशासनिक सुस्ती पर लगाम कसने के लिए कलेक्टर विकास मिश्रा ने रविवार को भी छुट्टी नहीं ली, बल्कि मैदान में उतरकर सीधे हालात का जायजा लिया। उनके औचक निरीक्षण ने साफ संकेत दे दिया कि अब सिस्टम में ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है।
रविवार सुबह कलेक्टर अचानक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरिया पहुंचे। उनके पहुंचते ही अस्पताल स्टाफ में हड़कंप मच गया। कलेक्टर ने वार्डों का बारीकी से निरीक्षण किया और मरीजों से सीधे बातचीत कर इलाज, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और स्टाफ की उपस्थिति की वास्तविक स्थिति जानी। इस दौरान मरीजों ने एक्स-रे मशीन की स्थायी व्यवस्था, शव वाहन और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग रखी। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को किसी भी तरह की असुविधा बर्दाश्त नहीं होगी और लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई तय है।
इसके बाद कलेक्टर का काफिला ग्राम पंचायत झगरहा पहुंचा, जहां उन्होंने पंचायत की कार्यप्रणाली, अभिलेखों और विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक हितग्राही के आवास का निरीक्षण कर जमीनी हकीकत परखी। सरपंच और अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि योजनाओं में पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। जनपद पंचायत सीईओ को भी जवाबदेही तय करने के निर्देश मिले।
इस अचानक दौरे का असर पूरे सेमरिया क्षेत्र में तुरंत देखने को मिला। पंचायतों, स्कूलों और अन्य सरकारी संस्थानों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की होड़ लग गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद प्रशासनिक सख्ती जमीन पर नजर आई है।

