जाम से जकड़ा शहर: अतिक्रमण और नो-एंट्री उल्लंघन पर शिवसेना का हल्ला, प्रशासन हरकत में आने को मजबूर
सीधी शहर की सड़कों पर इन दिनों हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। मुख्य मार्गों से लेकर अंदरूनी गलियों तक जाम की समस्या ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर शिवसेना ने मोर्चा खोलते हुए नगर पालिका प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
शिवसेना पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने आरोप लगाया कि शहर में तेजी से बढ़ते अतिक्रमण ने सड़कों को संकरा बना दिया है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। हालात यह हैं कि नो-एंट्री नियम लागू होने के बावजूद भारी वाहन—ट्रक और ट्रांसपोर्ट गाड़ियां—धड़ल्ले से शहर के अंदर प्रवेश कर रही हैं। इससे न केवल जाम की स्थिति गंभीर हो रही है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
अब उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है, लेकिन निगरानी और कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं। ट्रांसपोर्टरों की मनमानी के चलते संकरी गलियों में भी भारी वाहनों की आवाजाही जारी है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अब इस अव्यवस्था का सबसे ज्यादा असर स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों पर पड़ रहा है। समय पर स्कूल, अस्पताल या कार्यस्थल पहुंचना मुश्किल हो गया है। व्यापारियों का भी कहना है कि लगातार जाम के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे कारोबार पर असर पड़ रहा है।
वही शिवसेना और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, नो-एंट्री नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए जाएं। साथ ही, शहर में यातायात पुलिस की संख्या बढ़ाकर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए।
वही इस पूरे मामले में नगर पालिका सीधी की प्रभारी सीएमओ प्रिया पाठक ने बताया कि ज्ञापन प्राप्त हो गया है और इसके आधार पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने का प्रयास किया जाएगा।

