120 हरे-भरे आम के पेड़ों पर चली आरी, मड़वास के तीन बगीचे उजड़े; ग्रामीणों में आक्रोश, जांच में जुटा प्रशासन
सीधी जिले के मड़वास गांव में सैकड़ों लोगों की आंखें उस समय नम हो गईं, जब वर्षों पुराने हरे-भरे आम के बगीचे अचानक वीरान नजर आए। गांव के रामबाग, लक्ष्मण बाग और महादेवन बाग में लगे करीब 120 आम के पेड़ों को काट दिया गया। हैरानी की बात यह है कि सभी पेड़ पूरी तरह हरे थे और उनमें आम के फल भी लगे हुए थे। पेड़ों की कटाई के बाद उनकी मोटी लकड़ियां भी मौके से गायब कर दी गईं, जिससे पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
गांव के रहने वाले अमित मिश्रा जब मौके पर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर स्तब्ध रह गए। जहां कभी घने आम के बगीचे और तालाब के चारों ओर हरियाली दिखाई देती थी, वहां अब सिर्फ कटे हुए ठूंठ नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक इन बगीचों में 70 साल, 80 साल और लगभग 100 साल पुराने विशाल आम के पेड़ मौजूद थे, जो गांव की पहचान माने जाते थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई बिना किसी योजना और संरक्षण के नहीं हो सकती। ग्रामीणों ने पूरे मामले की शिकायत प्रशासन से की, जिसके बाद एसडीएम मझौली आरपी त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। एसडीएम आरपी त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार शाम करीब 5 बजे टीम के साथ निरीक्षण किया गया है। प्रथम दृष्टया बड़ी संख्या में आम के पेड़ काटे जाने की पुष्टि हुई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर पेड़ों की कटाई किसने करवाई और लकड़ी कहां भेजी गई। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि इन पेड़ों की कटाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अभ्युदय सिंह द्वारा कराई गई है। हालांकि प्रशासन ने अभी किसी का नाम आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया है। मामले की जांच जारी है।
पटवारी शिव प्रताप सिंह ने भी बताया कि रामबाग, लक्ष्मण बाग और महादेवन बाग में करीब 120 आम के पेड़ों की कटाई हुई है, जिसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है।

