टाइगर रिजर्व में आवारा कुत्तों की एंट्री से मचा हड़कंप, मृत चीतल को नोचते दिखे कुत्ते
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पर्यटन क्षेत्र में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। मगधी पर्यटन जोन में सफारी के दौरान पर्यटकों ने सड़क किनारे एक मृत चीतल को देखा, जिसे चार से पांच आवारा कुत्ते नोचते हुए नजर आए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया।
वीडियो वायरल होते ही हरकत में आया वन विभाग
शुक्रवार को घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही वन अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने तत्काल जांच के निर्देश जारी किए हैं। विभाग यह पता लगाने में जुट गया है कि कोर पर्यटन क्षेत्र में आवारा कुत्ते कैसे पहुंचे और मृत चीतल की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा माने जाते हैं आवारा कुत्ते
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि टाइगर रिजर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की मौजूदगी बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। कुत्तों के जरिए संक्रमण और कई तरह की बीमारियां वन्यजीवों तक पहुंच सकती हैं। इससे न केवल चीतल, सांभर और अन्य शाकाहारी वन्यजीव प्रभावित होते हैं, बल्कि बाघों सहित पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर भी असर पड़ने का खतरा बना रहता है।
पर्यटन जोन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद बांधवगढ़ की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। जिस क्षेत्र में पर्यटकों की लगातार आवाजाही रहती है, वहां आवारा कुत्तों का पहुंच जाना वन प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है। वन्यजीव प्रेमियों ने कोर और बफर क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
बांधवगढ़ में संचालित हैं कई सफारी जोन
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में ताला, मगधी और खितौली तीन प्रमुख कोर जोन हैं, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक सफारी के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा परासी, पचपेड़ी और ज्वालामुखी बफर गेट भी पर्यटकों के लिए खुले रहते हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं रिजर्व की छवि और वन्यजीव सुरक्षा दोनों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं।


