---Advertisement---

आदिवासी बस्ती को छोड़ ‘चहेती सड़क’ निर्माण! विरोध में उतरी महिलाएं, अफसर बोले- हर जगह नहीं पहुंच सकते

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

By राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

Published on:

---Advertisement---

आदिवासी बस्ती को छोड़ ‘चहेती सड़क’ निर्माण! विरोध में उतरी महिलाएं, अफसर बोले- हर जगह नहीं पहुंच सकते”

250 आदिवासियों के लिए रास्ता नहीं, फिर भी पंचायत ने जरूरतमंदों को छोड़ दूसरी जगह शुरू कराया पीसीसी सड़क निर्माण

सीधी जिले के जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत सिरौला के ग्राम सिरौली में विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वार्ड क्रमांक-14 की आदिवासी बस्ती में करीब 250 लोग निवास करते हैं, लेकिन आज तक वहां आवागमन के लिए समुचित सड़क तक उपलब्ध नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि जहां सड़क की सबसे ज्यादा आवश्यकता है, वहां निर्माण न कराकर पंचायत प्रतिनिधि और अधिकारी दूसरी जगह पीसीसी सड़क का निर्माण करा रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार पंचायत द्वारा लगभग 300 मीटर लंबी पीसीसी सड़क बनाई जा रही है, लेकिन उसका लाभ वास्तविक जरूरतमंदों को नहीं मिलेगा। इसी बात को लेकर ग्रामीणों और आदिवासी महिलाओं ने निर्माण कार्य का विरोध किया तथा काम रुकवा दिया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मौके पर पुलिस को पहुंचना पड़ा।

ग्रामीण शिवेंद्र तिवारी का कहना है कि वे सड़क निर्माण के विरोधी नहीं हैं, बल्कि चाहते हैं कि सड़क वहीं बने जहां लोगों को उसकी आवश्यकता है। उनका आरोप है कि पंचायत ने जनहित की अनदेखी कर मनमाने ढंग से निर्माण कार्य शुरू कराया है।

वार्ड क्रमांक-14 के पंच श्रीनिवास कुशवाहा ने भी पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ग्रामसभा में उन्होंने स्पष्ट रूप से सुझाव दिया था कि सड़क निर्माण ऐसे स्थान से कराया जाए जिससे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिले, लेकिन सरपंच रैना द्विवेदी और सचिव अंबुज द्विवेदी ने इस सुझाव को नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया है।

वहीं सचिव अंबुज द्विवेदी का कहना है कि सड़क निर्माण स्वीकृत एस्टीमेट और नियमानुसार कराया जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि यदि निर्माण कार्य वास्तव में जनहित में है तो फिर स्थानीय ग्रामीण और आदिवासी महिलाएं विरोध क्यों कर रही हैं?

मामले में सबसे चौंकाने वाला बयान जनपद पंचायत मझौली की एसडीओ सरिता सिंह का सामने आया। उन्होंने कहा कि वे मौके पर जाकर स्थिति नहीं देख पाई हैं और हर स्थान पर पहुंचना संभव नहीं है। उन्होंने लोगों को कार्यालय आकर शिकायत करने की सलाह दी। ऐसे में सवाल उठता है कि जब अधिकारी मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण ही नहीं करेंगे, तो ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा?

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

राजू गुप्ता मध्य प्रदेश के सीधी जिले के एक सक्रिय और ज़मीनी पत्रकार हैं। वे लंबे समय से स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों पर तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते आ रहे हैं।

---Advertisement---
यह भी पढ़ें माफियाओं ने सीधी से आ रही शराब को पकड़कर कुसमी पुलिस को सौपा,कुसमी पुलिश पर उठ रहे सवाल
माफियाओं ने सीधी से आ रही शराब को पकड़कर कुसमी पुलिस को सौपा,कुसमी पुलिश पर उठ रहे सवाल

माफियाओं ने सीधी से आ रही शराब को पकड़कर कुसमी पुलिस को सौपा,कुसमी पुलिश...

Share & Earn