गड्ढों में धान रोप कांग्रेस ने जताया विरोध, अमिलिया-सिहावल मार्ग की दुर्दशा पर फूटा जनाक्रोश
एक सप्ताह में मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ तो चक्काजाम व उग्र आंदोलन की चेतावनी
सीधी/सिहावल।
अमिलिया-सिहावल मार्ग की जर्जर स्थिति के विरोध में बुधवार को दुधमनिया तिराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में प्रतीकात्मक रूप से धान रोपकर कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन का ध्यान मार्ग की बदहाली की ओर आकर्षित किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जिस सड़क से लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलनी चाहिए, वह अब खेत जैसी दिखाई देने लगी है। सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है और आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्षों से यह मार्ग मरम्मत की प्रतीक्षा कर रहा है, लेकिन संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं। उनका कहना था कि सड़क की वर्तमान स्थिति शासन-प्रशासन के विकास संबंधी दावों की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में व्याप्त पेयजल संकट, अनियमित विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी तथा पंचायत स्तर पर कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया।
हालांकि सड़क की बदहाली को लेकर कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन को घेरने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन स्थल पर कार्यकर्ताओं की संख्या अपेक्षाकृत कम दिखाई दी। राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे इस कार्यक्रम में सीमित उपस्थिति क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनोज सिंह चंदेल ने कहा कि सिहावल क्षेत्र की जनता लंबे समय से खराब सड़कों, अव्यवस्थित व्यवस्थाओं और प्रशासनिक उदासीनता का खामियाजा भुगत रही है। विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और आम यात्रियों के लिए यह मार्ग गंभीर परेशानी का कारण बन चुका है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कई बार जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को शिकायतें और ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। ऐसे में जनता की आवाज बुलंद करने के लिए सड़क पर उतरना मजबूरी बन गया है।
प्रदर्शन के उपरांत कांग्रेस नेताओं ने तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर अमिलिया-सिहावल मार्ग की तत्काल मरम्मत की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर निर्माण अथवा मरम्मत कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा चक्काजाम सहित उग्र जनआंदोलन किया जाएगा।
दुधमनिया तिराहे के गड्ढों में रोपी गई धान की यह प्रतीकात्मक फसल दरअसल उस बढ़ते जनाक्रोश का प्रतीक है, जो विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बढ़ती खाई को उजागर कर रही है।
रिपोर्ट : राजबहोर केवट
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