सीएमओ ने जारी किया बयान,मोहन यादव पर लगे जमीन के सभी आरोप निराधार और राजनीतिक साजिश: CMO
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए भूमि खरीदारी और घोटाले के आरोपों पर अब मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से भी आधिकारिक बयान जारी किया गया है। CMO ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार, तथ्यहीन और बदनाम करने की साजिश बताया है।सीएमओ के बयान में साफ कहा गया है:“कांग्रेस और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में जो आंकड़े और आरोप लगाए जा रहे हैं, वे जानबूझकर भ्रामक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा उनके परिवार की संपत्ति 2023 के नामांकन शपथ-पत्र में जो घोषित की गई थी, उसमें कोई अनुचित वृद्धि या परिवर्तन नहीं हुआ है। परिवार का रियल एस्टेट व्यवसाय वर्षों पुराना है और सभी लेन-देन कानूनी प्रक्रिया के अनुसार पारदर्शी तरीके से किए गए हैं।CMO ने आगे कहा, “कांग्रेस विकास के मुद्दों पर जनता के सामने जवाब नहीं दे पा रही, इसलिए मुख्यमंत्री की लोकप्रियता और छवि को धूमिल करने का निरंतर प्रयास कर रही है। ऐसी राजनीतिक साजिशें प्रदेश की जनता स्वयं नकार देगी।सीएमओ ने जानकारी देते हुए बताया कि
डॉ. मोहन यादव की व्यक्तिगत संपत्ति जो 2023 नामांकन शपथ-पत्र में घोषित की गई 17 एकड़ में कोई बदलाव नहीं। पत्नि सीमा यादव 12.29 एकड़ — कोई इजाफा नहीं।
पुत्र वैभव यादव 16 एकड़ CM बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं। पुत्रवधु शालिनी यादव 10 एकड़ कृषि भूमि, जो मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर है। इसके अलावा
सिद्धिविनायक कंपनी से तो मोहन यादव ने 2017 में ही डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। कंपनी की भूमि (2023 में 68 एकड़, थी जो अब 65 एकड़ है जिसमें सीएम की कोई भूमिका नहीं।

