बड़वानी के सखाराम ने 41 साल से नहीं काटे बाल, अब प्रशासनिक मदद की आस
जिला मुख्यालय से 26 किमी दूर वेदपुरी गांव के रहने वाले 57 वर्षीय आदिवासी किसान सखाराम किराड़े इन दिनों अपनी अनोखी जिद के कारण चर्चा में हैं। 16 साल की उम्र में जिन टेढ़े-मेढ़े बालों से परेशान होकर उन्होंने तीन बार मुंडन कराया था, आज वही उनकी सबसे बड़ी ताकत बन चुके हैं।
वर्ष 1985 से बाल नहीं काटने की सखाराम की जिद का नतीजा है कि आज उनके बालों (जटाओं) की लंबाई 10 फीट 8 इंच हो चुकी है, जिसे लेकर वे विश्व रिकॉर्ड बनाने का सपना देख रहे हैं। सखाराम निरक्षर हैं। उन्हें विश्व रिकॉर्ड्स की जटिल ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की जानकारी नहीं है। उनके बेटे महेश किराड़े और पूरे परिवार ने प्रशासन और संस्कृति विभाग से तकनीकी मदद की गुहार लगाई है, ताकि यह आदिवासी परिवार वैश्विक पटल पर देश का नाम रोशन कर सके।
ये प्लिका पोलानिका है
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन पटेल ने बताया इसे प्लिका पोलानिका या प्लिका न्यूटंस कहा जाता है। इसमें बालों के केराटिन आपस में इस कदर उलझ जाते हैं कि उन्हें कंघी से सुलझाना असंभव हो जाता है। सिर पर इतना वजन रहना गर्दन और रीढ़ के लिए बेहद खतरनाक है।

