ऋण पुस्तिका के नाम पर ₹500 मांगने का आरोप, पटवारी ने कहा—”घूस नहीं, ऑनलाइन शुल्क के लिए लिए थे पैसे”; जांच से पहले अधिकारी ने टिप्पणी से किया इनकार
सीधी। सीधी जिले की गोपद बनास तहसील अंतर्गत ग्राम पनिहा, हल्का कुबरी में पदस्थ पटवारी अंजली सिंह पर ऋण पुस्तिका बनवाने के नाम पर ₹500 मांगने का आरोप लगा है। इस मामले की शिकायत ग्राम पनिहा निवासी रामकली जायसवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से तहसीलदार सहित अन्य राजस्व अधिकारियों से करते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
रामकली जायसवाल, पति रामसेवक जायसवाल का आरोप है कि पटवारी अंजली सिंह ने ऋण पुस्तिका तैयार कराने के लिए ₹500 की मांग की। उनका कहना है कि इससे पहले भी उनसे अलग-अलग कार्यों के लिए पैसों की मांग की गई थी। उन्होंने दावा किया कि केवल उनसे ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के अन्य लोगों से भी काम के बदले पैसे मांगे जाते हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, इन आरोपों पर पटवारी अंजली सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति से घूस या अवैध राशि की मांग नहीं की है। उनके अनुसार, ऋण पुस्तिका ऑनलाइन प्रक्रिया से बनती है, जिसके लिए ऑनलाइन सेवा केंद्र पर शुल्क देना पड़ता है। उन्होंने बताया कि रामकली जायसवाल ने स्वयं कहा था कि वह सीधी जाकर ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं करा सकतीं, इसलिए उनका काम करा दिया जाए और शुल्क के रूप में पैसे उन्हें दे दिए जाएं। पटवारी का कहना है कि उन्होंने केवल ऑनलाइन प्रक्रिया का खर्च लेने के लिए राशि ली थी, न कि किसी प्रकार की रिश्वत। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
इस संबंध में जब नायब तहसीलदार एकता शुक्ला से संपर्क किया गया तो उन्होंने फिलहाल कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मामले की पहले जांच की जाएगी, उसके बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामला आरोप और प्रत्यारोप के बीच है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि शिकायत में कितनी सच्चाई है और वास्तविक स्थिति क्या है।

