स्टॉप डैम व चेक डैम मरम्मत के नाम पर 10 लाख रुपये के भुगतान पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने की जांच की मांग
अमित श्रीवास्तव
कुसमी (सीधी)। जनपद पंचायत कुसमी की ग्राम पंचायत उमरिया में पांचवें राज्य वित्त आयोग की राशि से स्टॉप डैम एवं चेक डैम मरम्मत के नाम पर करीब 10 लाख रुपये के भुगतान को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज जानकारी और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड में अनियमितताएं दिखाई दे रही हैं, जिससे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, मई माह में स्टॉप डैम एवं चेक डैम की मरम्मत के नाम पर राशि आहरित की गई। भुगतान जायसवाल ट्रेडर्स के नाम से किया गया है। आरोप है कि पंचायत दर्पण पोर्टल पर गलत बिल फीड किए गए हैं, जिसके बाद ग्रामीणों को खर्च की गई राशि पर क्षसंदेह उत्पन्न हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत दर्पण के संचालन में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया। उनका सवाल है कि जिन कार्यों के लिए लाखों रुपये खर्च दर्शाए गए हैं, क्या वे कार्य वास्तव में स्थल पर कराए भी गए हैं या नहीं। उन्होंने पूरे मामले की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराए जाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि स्टॉप डैम और चेक डैम मरम्मत कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए, भुगतान से संबंधित बिल, मस्टर, माप पुस्तिका एवं अन्य दस्तावेजों की जांच की जाए तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
हालांकि, इस मामले में ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित पक्ष का बयान प्राप्त नहीं हो सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
इस मामले पर समाज सेवी आनंद सिंह ददुआ ने कहा है कि पंचायते मरम्मत के नाम से लम्बी राशि आहरित कर रही हैं इसकी जानकारी कई पंचायतो से आ रही है और पंचायतो में हावी ठेकेदारों के कारण ऐसा हो रहा है यह एक पंचायत नहीं कई पंचायत का यही हाल है जिसकी जांच होना आवश्यक है मैं भी अधिकारियों से संबंध में बात करूंगा,।

