मौत के सालों बाद भी कर रहे मजदूरी! मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, मृतकों के नाम पर हो रहा भुगतान

मौत के सालों बाद भी कर रहे मजदूरी! मनरेगा में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, मृतकों के नाम पर हो रहा भुगतान

मुरैना जिले के इमलिया गांव से मनरेगा योजना में कथित गड़बड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि जिन लोगों की वर्षों पहले मौत हो चुकी है, उनके नाम से जारी मनरेगा जॉब कार्ड पर आज भी मजदूरी किए जाने का रिकॉर्ड दर्ज है और भुगतान भी दर्शाया जा रहा है। इस खुलासे के बाद गांव से लेकर प्रशासनिक स्तर तक सवाल खड़े हो गए हैं।

मामले ने सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर मृत व्यक्तियों के नाम पर मजदूरी का रिकॉर्ड कैसे तैयार हुआ? जॉब कार्ड पर काम दर्ज करने और भुगतान की प्रक्रिया में किन स्तरों पर लापरवाही या कथित अनियमितता हुई? इन सवालों के जवाब अब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।

ग्रामीणों का आरोप है कि यदि मृत व्यक्तियों के नाम पर मजदूरी दर्ज होने की बात सही पाई जाती है, तो यह केवल रिकॉर्ड की त्रुटि नहीं, बल्कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण रोजगार योजना में गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला हो सकता है।

मामले की जानकारी सामने आने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने जांच का भरोसा दिया है। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि संबंधित जॉब कार्ड कब अपडेट हुए, किसके द्वारा मजदूरी दर्ज की गई, भुगतान किस खाते में गया और इस पूरी प्रक्रिया में जिम्मेदार कौन-कौन लोग हैं।

फिलहाल, जांच रिपोर्ट का इंतजार है। अगर जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई के साथ-साथ सरकारी धन की वसूली का रास्ता भी खुल सकता है।

सबसे बड़ा सवाल

जब मजदूर की मौत हो चुकी थी, तो उसके नाम पर मनरेगा में मजदूरी आखिर कौन कर रहा था?

मृत व्यक्ति के नाम पर भुगतान की प्रक्रिया किस स्तर पर हुई?

क्या यह सिर्फ लापरवाही है या फिर सुनियोजित फर्जीवाड़े का मामला?

इन सवालों के जवाब अब प्रशासनिक जांच से सामने आने की उम्मीद है।

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