“गालियां मिलती रहीं, सवाल पूछना नहीं छोड़ा” राहुल गांधी के सामने नेहा सिंह राठौर ने रखी अपनी बात
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भोजपुरी लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने सरकार की नीतियों, महिलाओं की ऑनलाइन ट्रोलिंग और सवाल उठाने वालों पर कार्रवाई को लेकर बेबाकी से अपनी बात रखी। राहुल गांधी के साथ संवाद के दौरान नेहा ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि सरकार को असहज करने वाले मुद्दों पर सवाल उठाने पर उन्हें गालियों से लेकर एफआईआर तक का सामना करना पड़ा है।
नेहा सिंह राठौर ने अपने चर्चित गीत ‘यूपी में का बा’ का जिक्र करते हुए कहा कि शादी के बाद जब उन्होंने यह गीत गाया, तब उनके पीछे पुलिस भेजे जाने का अनुभव भी उन्हें हुआ। उन्होंने बताया कि उनके गांव और परिवार को लेकर भी तरह-तरह की बातें कही गईं।
महिलाओं की ट्रोलिंग पर सवाल उठाते हुए नेहा ने कहा कि पुरुषों और महिलाओं को निशाना बनाने का तरीका अलग होता है। उनके मुताबिक, महिलाओं को चुप कराने या हतोत्साहित करने के लिए अक्सर उनके चरित्र पर सवाल उठाए जाते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसी आलोचनाओं और ट्रोलिंग से वह डरने वाली नहीं हैं।
नेहा ने दावा किया कि पिछले कई वर्षों से उन्हें लगातार गालियों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है और उनसे ‘सुधर जाने’ के लिए कहा जाता है। उन्होंने कहा कि वह अपने सवाल पूछने के तरीके से पीछे हटने वाली नहीं हैं।
इस पर राहुल गांधी ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें भी लंबे समय से गालियां दी जा रही हैं, लेकिन वह भी ‘सुधरने वाले नहीं हैं।’ राहुल की यह टिप्पणी कार्यक्रम में चर्चा का विषय बन गई।
संवाद के दौरान नेहा सिंह राठौर ने अल्पसंख्यकों को लेकर बनाए जा रहे कथित नैरेटिव पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक की देशभक्ति पर केवल उसकी पहचान के आधार पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
नेहा सिंह राठौर और राहुल गांधी के बीच हुई यह बातचीत सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन सकती है, क्योंकि इसमें राजनीतिक सवालों के साथ महिलाओं के खिलाफ ऑनलाइन ट्रोलिंग और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मुद्दे भी सामने आए।