पाली में आज गूंजेगा कृष्ण भक्ति का रंग, स्टेडियम से मंदिर तक जन्माष्टमी की धूम

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर उमरिया जिले में शुक्रवार, 4 सितंबर को भक्ति और सांस्कृतिक रंग देखने को मिलेगा। पाली नगर में एक ओर मां बिरासनी क्रिकेट स्टेडियम में ‘श्रीकृष्ण पर्व’ का भव्य आयोजन होगा, तो दूसरी ओर मां शक्तिपीठ बिरासनी दरबार स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। जन्माष्टमी को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।

संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित ‘श्रीकृष्ण पर्व’ कार्यक्रम शाम 7 बजे से मां बिरासनी क्रिकेट स्टेडियम में शुरू होगा। कार्यक्रम में कला और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। देश के अलग-अलग हिस्सों की सांस्कृतिक परंपराओं को श्रीकृष्ण आख्यान से जोड़ते हुए कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘मथुरा प्रवेश प्रसंग’ पर आधारित नृत्य नाटिका होगी। भुवनेश्वर की प्रसिद्ध कलाकार सर्मिष्ठा रानी पांडा एवं साथी श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों को नृत्य और अभिनय के माध्यम से मंच पर जीवंत करेंगे। इसके साथ ही जबलपुर के अखिलेश राजा एवं साथी भक्ति गायन की प्रस्तुति देकर वातावरण को कृष्णमय बनाएंगे।

श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों, उनकी बाल लीलाओं और भक्ति परंपरा को कला के माध्यम से प्रस्तुत करने वाला यह आयोजन पालीवासियों के लिए खास होने वाला है। आयोजन में सम्मानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी भी रहेगी। कार्यक्रम में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और नगरवासियों के पहुंचने की उम्मीद है।

आधी रात को होगा कान्हा का जन्म

स्टेडियम में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही श्रद्धालुओं की नजर मां बिरासनी शक्तिपीठ स्थित राधा-कृष्ण मंदिर पर भी रहेगी। यहां जन्माष्टमी की मध्यरात्रि रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म उत्सव विधि-विधान और भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा। इसके लिए मंदिर दरबार को आकर्षक रूप से सजाया गया है।

जन्म के समय मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, आरती और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय होने की संभावना है। श्रद्धालु आधी रात तक भगवान के जन्म की प्रतीक्षा करेंगे और जन्म के बाद आरती में शामिल होकर दर्शन करेंगे।

इस तरह पाली में शुक्रवार की शाम सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से शुरू होकर आधी रात को कृष्ण जन्मोत्सव तक आस्था, संगीत, नृत्य और भक्ति का सिलसिला जारी रहेगा। स्टेडियम में कला का मंच सजेगा और बिरासनी दरबार में आधी रात को नंदलाल जन्म लेंगे।

Leave a Comment