सौभाग्य योजना के रिकॉर्ड से लेकर वर्क ऑर्डर तक आग के हवाले! सीधी बिजली विभाग में दस्तावेज जलाने पर उठे गंभीर सवाल

सौभाग्य योजना के रिकॉर्ड से लेकर वर्क ऑर्डर तक आग के हवाले! सीधी बिजली विभाग में दस्तावेज जलाने पर उठे गंभीर सवाल

एमपी के सीधी बिजली विभाग के कार्यालय परिसर में महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज जलाए जाने के आरोप ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह आरोप है कि सौभाग्य योजना से जुड़े दस्तावेज, विभिन्न कार्यों के वर्क ऑर्डर, निलंबन से संबंधित कागजात और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड कार्यालय परिसर में आग के हवाले किए गए। मामले में विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में बताई जा रही है।

बताया यह भी जा रहा है कि कल शनिवार शाम करीब 5 बजे इन कागजात को आग के हवाले किया जा रहा था। कार्यालय परिसर में बड़ी संख्या में दस्तावेज जलाए जाने की बात सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इन रिकॉर्ड को नष्ट करने का आदेश किसने दिया और क्या इसके लिए निर्धारित सरकारी प्रक्रिया का पालन किया गया था?

बिना सूची और जांच के रिकॉर्ड जलाने का आरोप

जहा शासकीय दस्तावेजों को नष्ट करने से पहले सामान्य तौर पर रिकॉर्ड की पहचान, छंटाई, उपयोगिता की जांच और सक्षम स्तर से अनुमति जैसी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। यह आरोप है कि सीधी बिजली विभाग में इन दस्तावेजों को जलाने से पहले न तो विधिवत रिकॉर्ड सूची तैयार की गई और न ही किसी अधिकृत टीम या समिति के माध्यम से दस्तावेजों की जांच कराई गई।

जहा यदि ऐसा हुआ है तो यह केवल कागज जलाने का मामला नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण विभागीय रिकॉर्ड को नष्ट किए जाने का गंभीर विषय बन सकता है।

सौभाग्य योजना के रिकॉर्ड ने बढ़ाई चिंता

यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि जलाए गए दस्तावेजों में सौभाग्य योजना से जुड़े रिकॉर्ड होने की बात सामने आ रही है। सीधी में सौभाग्य योजना के तहत 58,744 अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण की जानकारी विधानसभा में सरकार द्वारा दी जा चुकी है। एमपी के सरकार ने यह भी बताया था कि चिन्हित घरों के विद्युतीकरण का कार्य 22 अक्टूबर 2018 को पूर्ण किया गया था।

वहीं उस सौभाग्य योजना के करीब 110 करोड़ रुपये के कार्यों में गड़बड़ी के आरोपों के बाद जांच में करीब 4.5 करोड़ रुपये की रिकवरी से जुड़ा मामला भी सामने आया था। वर्ष 2021 में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल द्वारा विधानसभा में सवाल उठाए जाने के बाद सरकार ने जांच दल गठित किए जाने की जानकारी दी थी।

जहा प्रारंभिक जांच में कम मात्रा में सामग्री लगाए जाने, पोल की कांक्रीटिंग नहीं होने, मीटर-कम-प्रोटेक्शन बॉक्स नियमानुसार नहीं लगाए जाने, आर्मर्ड केबल की जगह अनआर्मर्ड केबल लगाए जाने और बिना कनेक्शन दिए कनेक्शन दर्शाने जैसी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था।

जहा ऐसे में सवाल यह है कि सौभाग्य योजना और पुराने वर्क ऑर्डर से जुड़े दस्तावेज आखिर अब क्यों जलाए जा रहे थे? क्या इन रिकॉर्ड की जरूरत किसी जांच में पड़ सकती थी? क्या इनका डिजिटल बैकअप सुरक्षित है? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।

Leave a Comment