आस्था के मंदिर में जुआरियों का जमावड़ा, गणेश मंदिर के अंदर जुए का VIDEO वायरल, उठे सवाल

भगवान गणेश की पूजा और आस्था के लिए बनाए गए मंदिर में अगर ताश के पत्ते सज जाएं तो सवाल उठना लाजिमी है। उमरिया जिले के चंदिया थाना क्षेत्र के ग्राम कोयलारी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो को गांव के तालाब के पास स्थित गणेश मंदिर का बताया जा रहा है, जिसमें दिन के समय कुछ लोग मंदिर के अंदर कथित तौर पर जुआ खेलते हुए नजर आ रहे हैं।

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो ने धार्मिक स्थल की मर्यादा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में मंदिर के अंदर कुछ लोग एक जगह बैठे दिखाई देते हैं। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि वहां जुआ खेला जा रहा था। यदि वायरल वीडियो में किया जा रहा दावा सही है तो यह केवल जुआ खेलने का मामला नहीं, बल्कि आस्था के केंद्र की गरिमा से जुड़ा गंभीर सवाल भी है।

जहां श्रद्धालु भगवान गणेश के सामने माथा टेकते हैं, वहां कथित तौर पर जुए की महफिल सजने का दावा लोगों को हैरान कर रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर धार्मिक स्थल के भीतर दिनदहाड़े ऐसी गतिविधियां चलने की बात सामने कैसे आई।

वीडियो वायरल होने के बाद अब पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल किसी वीडियो को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। वीडियो कब का है, इसमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं और वास्तव में वहां जुआ खेला जा रहा था या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मामले को लेकर चंदिया थाना प्रभारी विजय सिंह पतेले से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। 

धार्मिक स्थलों को श्रद्धा, शांति और आस्था का केंद्र माना जाता है। ऐसे में मंदिर परिसर से जुड़ा यह कथित वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल जरूर उठ रहा है कि यदि आरोप सही हैं तो मंदिर की पवित्रता और धार्मिक भावनाओं की रक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।

फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने कोयलारी गांव के गणेश मंदिर को चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस इस वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर जांच करती है या मामला सोशल मीडिया की चर्चाओं तक ही सीमित रहता है।

न्यूजE7 लाइव सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। वीडियो की सत्यता, समय, स्थान और उसमें दिखाई दे रही गतिविधि की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Leave a Comment