कुसमी विकासखंड के प्रत्येक विद्यालय में ‘मेरे सपनों का भारत’ पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित
विकसित भारत की संकल्पना को विद्यार्थियों ने चित्रों और भाषण के माध्यम से प्रस्तुत की विकसित भारत की परिकल्पना, रचनात्मक प्रतिभा को मिला मंच
कुसमी, सीधी। विद्यार्थियों के विचारों, कल्पनाओं एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शनिवार को विकासखंड कुसमी के प्रत्येक विद्यालय में ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
उक्त विषय पर बीआरसीसी अंगिरा प्रसाद द्विवेदी द्वारा बताया गया कि प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने सपनों के भारत की कल्पना को रंगों, शब्दों और विचारों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने स्वच्छ, शिक्षित, आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम भारत की परिकल्पना को आकर्षक चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया। चित्रों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं, स्वच्छता, जल संरक्षण, हरित पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, डिजिटल भारत, आधुनिक कृषि, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और रोजगार जैसे विषय प्रमुख रहे।
वहीं, भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर प्रभावशाली ढंग से अपने विचार रखे। विद्यार्थियों ने कहा कि उनके सपनों का भारत ऐसा होना चाहिए, जहां प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, युवाओं को प्रतिभा के अनुरूप अवसर प्राप्त हों और गांवों में भी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हों।
सामूहिक प्रयासों से बनेगा विकसित भारत
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि विकसित भारत का निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के सामूहिक प्रयासों से संभव है। बच्चों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने, शिक्षा को महत्व देने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने पर जोर दिया।
शिक्षकों ने बढ़ाया विद्यार्थियों का उत्साह
विद्यालयों में शिक्षकों ने विद्यार्थियों को विषय की व्यापकता समझाते हुए उनकी रचनात्मक प्रतिभा एवं अभिव्यक्ति क्षमता को प्रोत्साहित किया। चित्रकला के माध्यम से विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और कलात्मक प्रतिभा सामने आई, वहीं भाषण प्रतियोगिता से उनके आत्मविश्वास, तार्किक सोच एवं प्रभावी अभिव्यक्ति कौशल को मंच मिला।
विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में भाग लेकर कार्यक्रम को सार्थक बनाया।